संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान के मौजूदा हालात पर हुई चर्चा में नहीं बुलाए जाने पर पाकिस्तान ने पछतावा जताया है। पाकिस्तान ने कहा, पड़ोसी होने के बावजूद उसकी अनदेखी अफसोस की बात है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर कहा, सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान पर चर्चा में हमारे शामिल होने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल झूठी धारणा को पेश करने के लिए हो रहा है।
पाकिस्तान को उसकी बात नहीं रखने देना इसका ही नतीजा है। भारत की अध्यक्षता में परिषद के 15 शक्तिशाली देशों ने अफगानिस्तान में हो रही हिंसा पर चर्चा के लिए शुक्रवार को एक बैठक बुलाई और पाकिस्तान को इसमें शामिल होने का न्योता नहीं दिया।
चर्चा के दौरान अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और तालिबान को छिपने के लिए सुरक्षित जगह और व रसद मुहैया करा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, अफगानिस्तान के प्रतिनिधि गलत धारणा पेश कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ माहौल कायम कर रहे हैं। हम उनके आरोपों को खारिज करते हैं।