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Pakistan: 'अल्लाह ने बनाया तो वही सब ठीक भी करेंगे', आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान के वित्त मंत्री का बयान

Sat, 28 Jan 2023 01:13 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर स्थापित एकमात्र देश है और इसके विकास और समृद्धि के लिए अल्लाह जिम्मेदार है।
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पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पाकिस्तान क्यों न कंगाली की गर्त में डूबता जा रहा हो लेकिन उसके मंत्री अभी भी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला है वित्त मंत्री इशाक डार की जिन्होंने देश के लोगों की नाराजगी कम करने के लिए धार्मिक कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर स्थापित एकमात्र देश है और इसके विकास और समृद्धि के लिए अल्लाह जिम्मेदार है, क्योंकि नकदी संकट से जूझ रहे देश को भुगतान संकट का गंभीर सामना करना पड़ा है। 

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अल्लाह बना सकता है तो वह रक्षा भी करेगा
यहां ग्रीन लाइन एक्सप्रेस ट्रेन सेवा के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि पाकिस्तान प्रगति करेगा क्योंकि यह इस्लाम के नाम पर बना है। डार ने कहा कि अगर अल्लाह पाकिस्तान बना सकता है तो वह उसकी रक्षा, विकास और समृद्धि भी कर सकता है।  वित्त मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान की स्थिति को सुधारने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। 

पाकिस्तान की मौजूदा बदहाली के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार
इशाक डार ने पाकिस्तान की मौजूदा बदहाली के लिए पांच साल पहले शुरू हुए 'नाटक' को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि यहां के लोगों को अब भी भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस नाटक के पहले 2013-17 के दौरान नवाज शरीफ के कार्यकाल में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अच्छी हालत में थी।
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नवाज के शासन में पाकिस्तान तरक्की की राह पर था
डार ने कहा कि नवाज के शासन में पाकिस्तान तरक्की की राह पर था लेकिन उसे पटरी से हटा दिया गया। लोग देख सकते हैं कि पिछले पांच साल में देश को कितनी बर्बादी का सामना करना पड़ा है।  विदेशी मुद्रा के अभाव में पाकिस्तान के सामने जरूरी चीजों की खरीद के लिए भी भुगतान करने लायक मुद्रा नहीं रह गई है। इस समस्या से निपटने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष समेत कई संस्थानों से आर्थिक पैकेज की तलाश में है।

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