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FATF Grey List: चार साल बाद एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आया पाकिस्तान, भारत ने जताया कड़ा विरोध

Fri, 21 Oct 2022 10:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

भारत विरोधी आतंकवादी समूहों के खिलाफ आतंकवाद से लड़ने के लिए पाकिस्तान की राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के बारे में पूछे जाने पर एफएटीएफ के अध्यक्ष टी राजा कुमार ने कहा कि पाक 2018 से ग्रे लिस्ट में है। कार्रवाई की एक सूची थी जिसे उसे करना था और पाकिस्तान ने उस पर अमल किया है। हम संतुष्ट हैं।
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FATF - फोटो : ANI
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विस्तार
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मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्त पोषण की जांच में विफल रहने के बाद साल 2018 से लगातार FATF की ग्रे सूची की जंजीर में जकड़े पाकिस्तान के लिए आज का दिन काफी अहम रहा। आखिरकार पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे सूची से बाहर आ ही गया। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स द्वारा पड़ोसी देश पाकिस्तान को अपनी 'ग्रे लिस्ट' से हटाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से हटाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। 

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दरअसल, आतंकी फंडिंग व मनी लान्ड्रिंग मामलों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की पेरिस में बैठक हुई। इस बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने या न रखने को लेकर अंतिम फैसला हुआ। एफएटीएफ के मौजूदा अध्यक्ष सिंगापुर के टी. राजा कुमार ने रात करीब साढ़े आठ बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर किए जाने का एलान किया।

ग्रे लिस्ट से हटने पर भारत ने जताई आपत्ति
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स द्वारा पड़ोसी देश पाकिस्तान को अपनी 'ग्रे लिस्ट' से हटाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भारत के विशेष अभियोजक उज्जवल निकम ने शुक्रवार को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से हटाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल देना ही चाहिए। साथ ही कहा कि दुनिया को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय कार्रवाई जारी रखनी चाहिए।
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निकम ने कहा कि एफएटीएफ बताया कि पाकिस्तान ने सुधार सूचियों पर काम किया है, उसे इसी आधार पर अंक दिए हैं। लेकिन मैं एफएटीएफ से असहमत हूं। एफएटीएफ को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। पाकिस्तान को कालीसूची में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 26/11 के समय पाकिस्तान को सबूत दिया था, भारत में दाऊद इब्राहिम, कसाब और जाकिर रहमान ने आतंकी वारदातों को अंजाम दिया लेकिन उन्होंने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। 

निगरानी रखेगा एफएटीएफ
FATF के बयान के मुताबिक, पाकिस्तान अब FATF की बढ़ी हुई निगरानी प्रक्रिया के अधीन नहीं है। वह धन शोधन विरोधी और आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण प्रणाली (AML/CFT) को और बेहतर बनाने के लिए एशिया/पैसिफिक ग्रुप (APG) ऑन मनी लॉन्ड्रिंग के साथ काम करना जारी रखेगा।

बयान में कहा गया कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने अपनी एएमएल/सीएफटी व्यवस्था में सुधार के लिए पाकिस्तान की महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया। पाकिस्तान ने अपनी एएमएल/सीएफटी व्यवस्था की प्रभावशीलता को मजबूत किया और एफएटीएफ की पहचान की गई रणनीतिक कमियों के संबंध में अपनी कार्य योजनाओं की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तकनीकी कमियों को दूर किया।

एफएटीएफ के मुताबिक, एफएटीएफ की पेरिस में एक पूर्ण बैठक में उच्च जोखिम वाले क्षेत्र पर भी चर्चा की गई। इसे आम भाषा में एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट कहा जाता है। म्यांमार को इस सूची में जोड़ा गया है। इसी तरह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC), तंजानिया और मोजाम्बिक को ग्रे सूची में जोड़ा गया है और निकारागुआ व पाकिस्तान को हटा दिया गया है।

FATF के अध्यक्ष टी राजा कुमार ने कहा कि FATF ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की बार-बार निंदा की है। इस सप्ताह पूर्ण चर्चा के बाद FATF ने अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है, जिसमें रूस को वर्तमान और भविष्य की परियोजनाओं से रोकना और FATF के क्षेत्रीय भागीदार निकायों की FATF सदस्य के रूप में बैठकों में भाग नहीं लेने देना शामिल है। 

 पाक 2018 से ग्रे लिस्ट में है
भारत विरोधी आतंकवादी समूहों के खिलाफ आतंकवाद से लड़ने के लिए पाकिस्तान की राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के बारे में पूछे जाने पर एफएटीएफ के अध्यक्ष टी राजा कुमार ने कहा कि पाक 2018 से ग्रे लिस्ट में है। कार्रवाई की एक सूची थी जिसे उसे करना था और पाकिस्तान ने उस पर अमल किया है। हम संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि एक FATF निरीक्षण दल पाकिस्तान गया था। अधिकारियों से बात भी की। हालात पर नजर रखी और सत्यापन भी किया। पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक प्रतिबद्धता थी, न केवल उन कार्यों के मौजूदा सेट को लागू करने के लिए जो उन्हें करने की आवश्यकता है, बल्कि वे चल रहे सुधार के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
 



इससे पहले हांगकांग स्थित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी निदेशक बसीर नवीद ने कहा था कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को 500 से अधिक कटे-फटे और अज्ञात शवों को संज्ञान में लेना चाहिए। शव पाकिस्तान के मुल्तान में एक सार्वजनिक अस्पताल की छत पर पाए गए थे।

बसीर ने कहा था कि मुल्तान सबसे बड़े छावनी शहरों में से एक है। नागरिक समाज और मानवाधिकार संगठनों का दृढ़ मत है कि ये शव उन लोगों के हैं जिन्हें विभिन्न सैन्य एजेंसियों द्वारा उठाया गया था और कई महीनों और वर्षों से गायब हो गए थे।

भारत ने दी प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि एफएटीएफ की जांच के परिणामस्वरूप पाकिस्तान को 26/11 को मुंबई में पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ हमलों में शामिल लोगों सहित कुख्यात आतंकवादियों के खिलाफ कुछ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। दुनिया का रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से होने वाले आतंकवाद और आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ विश्वसनीय, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और निरंतर कार्रवाई जारी रखनी चाहिए। यह वैश्विक हित में है।

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क्या होता है FATF?
FATF एक ऐसा निकाय है जिसका काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग), सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और आतंकवाद के वित्तपोषण पर निगाह रखना है।  इस निकाय की स्थापना फ्रांस की राजधानी पेरिस में जी7 समूह के देशों द्वारा 1989 में किया गया था।

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