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Pakistan: '9 मई की हिंसा सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को हटाने की साजिश'; पूर्व पीएम शहबाज शरीफ का बड़ा दावा

Wed, 29 Nov 2023 04:38 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर

सार

पाकिस्तान में नौ मई की हिंसा मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 9 मई की हिंसा सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को पद से हटाने की कोशिश थी।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (फाइल) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पाकिस्तान में करीब छह महीने पहले हुई हिंसा मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला और अभूतपूर्व हिंसा सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को पद से हटाने की साजिश थी। उन्होंने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम लिए बिना कटाक्ष किया और कहा, अभूतपूर्व हमलों के सूत्रधार "राज्य के दुश्मन" हैं। पाकिस्तान में चुनाव से चंद हफ्ते पहले शरीफ का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में आम चुनाव 8 फरवरी को होने हैं।
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बता दें कि इसी साल मई में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। गुप्त राजनयिक केबल (Cipher) मामले में 71 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में बंद हैं। इमरान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज [पीएमएल-एन] की प्रतिद्वंद्वी है। 

बुधवार को इमरान को भ्रष्टाचार के एक मामले में लाहौर की जवाबदेही अदालत में पेश किया गया। इसके बाद पाकिस्तान के 72 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, "9 मई को सेना प्रमुख को अपदस्थ करने का प्रयास किया गया था।" उन्होंने कहा, लोकतंत्र हो या तानाशाही, देशद्रोह को बर्दाश्त नहीं किया जाता। इसलिए नौ मई की हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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शरीफ ने कहा कि 9 मई की हिंसा के सूत्रधारों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। ऐसे लोग "देश के दुश्मन" हैं। गौरतलब है कि इसी साल मई की शुरुआत में कथित भ्रष्टाचार के मामले में इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हजारों पीटीआई समर्थकों ने देश भर में सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों पर धावा बोल दिया। हिंसा और उपद्रव के बाद पुलिस ने 10,000 से अधिक पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। इमरान खान तब से ही जेल में बंद हैं।

यह भी जानना दिलचस्प है कि नौ मई की हिंसा मामले में पाकिस्तानी सेना ने भी कार्रवाई की है। जनरल मुनीर को पद से हटाने की साजिश के आरोप में एक दर्जन से अधिक उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। ऐसी ही एक कार्रवाई के बाद सेना ने कहा था, एक लेफ्टिनेंट-जनरल सहित तीन अधिकारियों को उनकी नौकरी से हटा दिया गया है। 9 मई की हिंसा मामले में तीन प्रमुख जनरलों और सात ब्रिगेडियर सहित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी कर ली गई है।

पीएमएल-एन ने इमरान खान को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों का मास्टरमाइंड घोषित किया है। शरीफ की पार्टी की मांग है कि "इस अपराध में शामिल पीटीआई नेतृत्व को 8 फरवरी, 2024 को आगामी आम चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।" 

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता
गौरतलब है कि राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे पाकिस्तान में अप्रैल 2022 में इमरान खान को प्रधानमंत्री पद गंवाना पड़ा था। सत्ता से बाहर होने के बाद से इमरान के खिलाफ 150 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। वह वर्तमान में सिफर मामले में रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में कैद हैं। इमरान खान पर मार्च, 2022 में वॉशिंगटन में पाकिस्तान के दूतावास से एक गुप्त राजनयिक केबल (Cipher / सिफर) को लीक करने का आरोप है।
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