पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को इस्लामिक कानूनों के खिलाफ शादी करने के मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश कुदरतुल्लाह ने अदियाला जेल में सुनवाई के दौरान इमरान खान की उपस्थिति में यह फैसला सुनाया, हालांकि इस दौरान इमरान खान की पत्नी बुशरा वहां मौजूद नहीं थी। इसको लेकर न्यायाधीश खासा नाराज दिखाई दिए।
गौरतलब है कि यह फैसला पूर्व पति खावर फरीद मानेका द्वारा दर्ज कराए गए मामले को खारिज करने की मांग करने वाली बुशरा की याचिका पर फैसला सुरक्षित करने के एक दिन बाद आया है। याचिका में बुशरा ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट को इस पर सुनवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही कोर्ट से 11 जनवरी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पूर्व के आदेश को रद्द करने का भी आग्रह किया गया है।
'तलाक के डेढ़ महीने बाद ही कर ली थी शादी'
मानेका ने एक घटना को याद करते हुए बताया कि एक बार उन्होंने अपने घर के नौकरी की मदद से इमरान खान को घर से बाहर निकाल दिया था। मानेका का आरोप है कि उनके बुशरा बीबी से तलाक के डेढ़ महीने बात ही इमरान ने बुशरा बीबी से निकाह कर लिया था। मानेका ने दावा किया कि जिस समय बुशरा का इमरान से निकाह हुआ, उस वक्त बुशरा का इद्दत का समय चल रहा था। बता दें कि महिला के पति की मौत या तलाक के बाद कुछ समय के लिए एकांत में जीवन बिताती है, जिसे इद्दत का समय कहा जाता है। मानेका ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2017 में बुशरा को तलाक दिया था और जनवरी 2018 में इमरान खान ने बुशरा से निकाह कर लिया। हालांकि जनता की नजरों से छिपाने के लिए शादी की तस्वीरें फरवरी 2018 में जारी की गईं।