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Pakistan: ISI के पूर्व प्रमुख के खिलाफ सेना ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी का किया गठन, पद का दुरुपयोग करने का आरोप

Thu, 18 Apr 2024 07:22 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

जनरल फैज के खिलाफ यह पहली औपचारिक जांच का आदेश है। सेना द्वारा जारी बयान में कहा गया कि एक मेजर जनरल के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो मामले से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से जांच करेगी।

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पाकिस्तान - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान सेना ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद के खिलाफ एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। जांच कमेटी की अध्यक्षता मेजर जनरल रैंक के अफसर को सौंपी गई है। कमेटी फैज के खिलाफ लगे उन आरोपों की जांच करेगी, जिसमें कहा गया है कि खुफिया विभाग आईएसाई के महानिदेशक में रूप में उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया है। रक्षा मंत्रालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच शुरू हुई है। 

जनरल फैज के खिलाफ यह पहली औपचारिक जांच का आदेश है। सेना द्वारा जारी बयान में कहा गया कि एक मेजर जनरल के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो मामले से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से जांच करेगी।

इस मामले में जांच कमेटी का हुआ गठन

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तीन बार के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का आरोप है कि पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ मिलकर फैज ने ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उन्हें पद से हटवाया था। वहीं फैज का नाम फैजाबाद धरना केस समेत कई विवादों से भी जुड़ा है। हालांकि, हाल ही में एक जांच आयोग ने उन्हें धरने वाले मामले में क्लीन चिट दे दी है।  आठ नवंबर 2023 को हाउसिंग सोसाइटी टॉप सिटी के मालिक मोइज अहमद खान ने सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने फैज पर अपने अधिकारों के दुरुपयोगा का आरोप है। खान ने कहा कि 12 मई 2017 को फैज के इशारे पर आईएसआई अधिकारियों ने उनके दफ्तर और उनके घर पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने घर में रखे सोने, हीरे और नकदी सहित अन्य कीमती चीजों को जब्त कर लिया। बाद में फैज के भाई सरदार नजफ ने उनसे मामले को सुलझाने के लिए संपर्क किया था। उनका दावा है कि फैज ने भी उनसे मुलाकात की थी और आश्वस्त किया था कि वे अधिकारियों द्वारा जब्त सारा समान वापस कर देंगे लेकिन मुझे 4.67 किलो सोना और नकदी नहीं मिली। आईएसआई अधिकारियों ने उनसे चार करोड़ रुपये भी वसूले थे। 

सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों- मुख्य न्यायाधीश जस्टिस काजी फैज ईसा, जस्टिस अत्तार मिनुल्लाह और जस्टिस अमीनुद्दीन की बेंच ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान पीठ ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। आरोप संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से मामले को देखने और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करने को कहा था। अटॉर्नी जनरल ने अदालत को आश्वास्त किया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

फैज पर सरकार गिराने का आरोप

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तीन बार के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का आरोप है कि पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ मिलकर फैज ने ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उन्हें पद से हटवाया था। वहीं फैज का नाम फैजाबाद धरना केस समेत कई विवादों से भी जुड़ा है। हालांकि, हाल ही में एक जांच आयोग ने उन्हें धरने वाले मामले में क्लीन चिट दे दी है। 

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