जनरल फैज के खिलाफ यह पहली औपचारिक जांच का आदेश है। सेना द्वारा जारी बयान में कहा गया कि एक मेजर जनरल के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो मामले से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से जांच करेगी।
पाकिस्तान सेना ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद के खिलाफ एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। जांच कमेटी की अध्यक्षता मेजर जनरल रैंक के अफसर को सौंपी गई है। कमेटी फैज के खिलाफ लगे उन आरोपों की जांच करेगी, जिसमें कहा गया है कि खुफिया विभाग आईएसाई के महानिदेशक में रूप में उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया है। रक्षा मंत्रालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच शुरू हुई है।
जनरल फैज के खिलाफ यह पहली औपचारिक जांच का आदेश है। सेना द्वारा जारी बयान में कहा गया कि एक मेजर जनरल के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो मामले से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से जांच करेगी।
इस मामले में जांच कमेटी का हुआ गठन
सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों- मुख्य न्यायाधीश जस्टिस काजी फैज ईसा, जस्टिस अत्तार मिनुल्लाह और जस्टिस अमीनुद्दीन की बेंच ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान पीठ ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। आरोप संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से मामले को देखने और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करने को कहा था। अटॉर्नी जनरल ने अदालत को आश्वास्त किया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
फैज पर सरकार गिराने का आरोप