Pakistan: पाकिस्तान के चुनाव निकाय ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के विजेता की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की थी।
पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ झटका दिया है। ईसीपी ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पंजाब प्रांत के एक निर्वाचन क्षेत्र में विजयी उम्मीदवार की अधिसूचना रोकने की मांग की थी। पीटीआई समर्थित उम्मीदवार ने इस निर्वाचन क्षेत्र से नवाज को हराया था।
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स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान राजा के नेतृत्व में ईसीपी की दो सदस्यी पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने नवाज शरीफ के अनुरोध को खरिज किया और पीएमएल-एन सुप्रिमो के वकील को अर्जी फिर से दायर करने का निर्देश दिया।
पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार शाहजादा गुस्तासप खान ने एनए-15 (मानसेहरा) सीट पर 105,249 मतों से जीत दर्ज की। जबकि तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ 80,2382 मतों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। खबर के मुताबिक, इस निर्वाचन क्षेत्र में हार के बात नवाज शरीफ ने गुस्तासप की जीत की अधिसूचना को चुनौती दी थी।
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देश के एक प्रमुख अखबार की खबर के मुताबिक, निर्वाचन अधिकारी ने ईसीपी को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम फॉर्म-45 के अनुसार एकत्रित किए गए हैं। नवाज शरीफ ने आठ फरवरी को हुए आम चुनाव में दो निर्वाचन क्षेत्रों एनए-15 (मानसेहरा) और एनए-130 (लाहौर) में चुनाव लड़ा था। एनए-130 पर उन्होंने 59 हजार मतों से जीत हासिल की। इसके बाद गुरुवार को नवाज शरीफ के वकील ने ईसीपी से याचिका को अस्वीकार न करने का आग्रह किया। जिस पर ईसीपी ने उन्हें फिर से आवेदन करने का निर्देश दिया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ की प्रधानमंत्री बनने की संभावना बढ़ गई। आम चुनाव में त्रिशंकु चुनाव परिणाम के बाद पीएमएल-एन अन्य दलों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाने की ओर आगे बढ़ रही है।