आसिफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इमरान खान की सहयोगी ने अमेरिका को एक पत्र भेजकर मदद मांगी है, क्योंकि खान ने पिछले साल उन्हें सत्ता से बेदखल करने की साजिश रचने के लिए एक शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का नाम लिया था।
पाकिस्तान इस समय अभूतपूर्व आर्थिक संकट से गुजर रहा है। दूसरी ओर, देश में राजनीतिक अस्थिरता भी खत्म नहीं हो रही है। पिछले साल अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान को प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटाया गया था। इसके बाद उनकी सरकार गिर गई थी। खान ने सत्ता से बेदखली के पीछे अमेरिकी साजिश का आरोप लगाया था। इस बीच, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका से मदद मांगने को लेकर पीटीआई पार्टी के प्रमुख की 'हाइपोक्रेसी' की आलोचना की है।
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आसिफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इमरान खान की सहयोगी ने अमेरिका को एक पत्र भेजकर मदद मांगी है, क्योंकि खान ने पिछले साल उन्हें सत्ता से बेदखल करने की साजिश रचने के लिए एक शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का नाम लिया था। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा साइफर से शुरू हुई थी, जिसमें उन्होंने अमेरिका पर पीटीआई सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था।
मंत्री ने कहा कि आज शिरीन मजारी (पूर्व मानवाधिकार मंत्री) ने उस देश (अमेरिका) को पत्र लिखा है जिस पर उन्होंने कभी साजिश रचने का आरोप लगाया था। 70 वर्षीय इमरान खान इससे पहले मध्य और दक्षिण एशिया के लिए अमेरिका के उप विदेश मंत्री डोनाल्ड लू को बर्खास्त करने की मांग कर चुके हैं।
पिछले साल अप्रैल में खान की सरकार को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए गिराया गया था। खान ने आरोप लगाया था कि सत्ता परिवर्तन के पीछे के व्यक्ति डोनाल्ड लू हैं। पीटीआई प्रमुख ने लू पर अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत असद मजीद को धमकी देने का आरोप लगाया था कि अविश्वास मत के जरिए इमरान को हटाने में विफल रहने पर पाकिस्तान को परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका कई बार खान के इन आरोपों को खारिज कर चुका है।