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Pakistan: पीटीआई नेताओं को हिरासत में लेना पड़ा भारी, पाक अदालत ने चार अधिकारियों के खिलाफ की कार्यवाही

Thu, 07 Sep 2023 06:26 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान हाईकोर्ट ने इमरान खान की पार्टी पीटीआई नेताओं को हिरासत में लेने वाले चार अधिकारियों के खिलाफ की कार्यवाही की है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान में हाल ही में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेताओं पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। कई नेताओं को तो अदालत से रिहा होने के तुरंत बाद दूसरे केस में पकड़ लिया। इमरान खान ने इन गिरफ्तारियों को सरकार का जुल्म करार दिया था। वहीं, अब पाकिस्तान में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के दो नेताओं की हिरासत के संबंध में अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने संबंधी अवमानना मामले में गुरुवार को इस्लामाबाद के जिला आयुक्त और तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अभियोग शुरू किया। 

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इस्लामाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति बाबर सत्तार ने सुनवाई की अध्यक्षता की, जहां इस्लामाबाद के उपायुक्त इरफान नवाज मेमन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जमील जफर, पुलिस अधीक्षक फारूक बुट्टर और मार्गल्ला थाना प्रभारी नासिर मंजूर उपस्थित थे। न्यायमूर्ति सत्तार द्वारा अभियोग शुरू किए जाने के बाद सभी चार अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया।

संबंधित चारों सरकारी अधिकारियों पर पीटीआई नेताओं-शहरयार अफरीदी और शंदाना गुलजार को लोक व्यवस्था रखरखाव (एमपीओ) अध्यादेश के तहत हिरासत में रखने का आरोप है, जबकि अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। इससे पहले, महाधिवक्ता अयाज शौकत ने अपनी दलीलें पेश करते हुए अदालत से आग्रह किया कि अधिकारियों पर अभियोग नहीं लगाया जाए क्योंकि उन्होंने बिना शर्त माफी मांगी है।
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न्यायमूर्ति सत्तार ने कहा कि हम उन पर अभियोग कैसे नहीं लगा सकते? यहां अदालत की अवमानना का मामला चल रहा था फिर भी आपने एमपीओ आदेश जारी कर दिया। न्यायाधीश ने अधिकारियों से कहा कि यदि आपको सजा सुनाई जाती है, तो आपको अधिक से अधिक जेल भेजा जाएगा, जिसमें छह महीने की सजा है। आप जेल में रहकर देख सकते हैं कि जिन्हें आप जेल भेजते हैं वे वहां कैसे रहते हैं।

पीटीआई नेता अफरीदी को पहली बार 16 मई को गिरफ्तार किया गया था और कथित भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को हुई हिंसा के बाद कार्रवाई के दौरान गुलजार को नौ अगस्त को हिरासत में लिया गया था। 16 अगस्त को, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि अफरीदी और गुलजार को रिहा किया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद अदालत को कार्रवाई करनी पड़ी।

बड़ी बात यह है कि अगर पुलिस अधिकारी लिखित मांफी मांग लेते हैं तो शायद कार्यवाही से बच जाएं और अगर दोषी पाए गए तो चारों को छह महीने की जेल हो सकती है और उनकी सरकारी नौकरियां भी जा सकती हैं। अदालती कार्रवाई से कई पीटीआई नेताओं को राहत मिल सकती है जो अभी भी अदालती मामलों का सामना कर रहे हैं। 

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