इससे पहले शनिवार रात करीब 9.34 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश पर्वत था, जहां रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.8 मापी गई थी।
अफगानिस्तान में रविवार शाम को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक, शाम लगभग 6:53 बजे अफगानिस्तान के फायजाबाद के 19 किमी एसएसई में रिक्टर स्केल पर 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि इसका केंद्र जमीन से 85 किलोमीटर गहराई में था।
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इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में शनिवार रात करीब 9.34 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप के ये झटके फरीदाबाद, गुरुग्राम, जम्मू-कश्मीर समेत पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कई इलाकों में महसूस हुए थे। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश पर्वत था, जहां रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.8 मापी गई थी।
क्यों आता है भूकंप?
भूकंप तब आता है जब पृथ्वी की सबसे बाहरी परत के बड़े टुकड़े अचानक एक दूसरे के पीछे चले जाते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, तुर्किये का भूकंप एक स्ट्राइक-स्लिप भूकंप था। इसे समझने से पहले हमें पृथ्वी की संरचना को समझना होगा। पृथ्वी अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है। ये हिस्से एक फॉल्ट लाइन पर मिलते हैं, जहां प्लेटें आमतौर पर एक-दूसरे से टकराती हैं। लेकिन कभी-कभी तनाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तब प्लेटें बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकालते हुए एक-दूसरे को तेजी से पार करती हैं। इस स्थिति में, दो प्लेटें एक-दूसरे को झटके देते हुए दो अलग-अलग दिशाओं में चली जाती हैं। यही प्रक्रिया भूकंप आने का कारण बनती है।