'तास' ने जेलेंस्की के हवाले से कहा कि रूस जंग को रोकने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए वह (यूक्रेन) किसी भी कीमत पर शांति वार्ता की बात नहीं कर रहे हैं। खबर के मुताबिक, एक अखबार ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से पूछा कि क्या यह (शांति वार्ता) युद्ध क्षेत्र में रहते हुए कठिन है? तो उन्होंने जवाब में कहा- हां। फिर उनसे सवाल किया गया कि क्या यूक्रेन अब रूस से दोस्ती करेगा या राजनयिक बातचीत की मेज पर आएगा? इस पर उन्होंने 'नहीं' में जवाब दिया।
दरअसल, चार नवंबर को ऐसी खबरें सामने आईं थीं कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के अधिकारी रूस के साथ शांति वार्ता पर यूक्रेन के साथ चर्चा कर रहे हैं। इन खबरों में यह भी कहा गया था कि समझौते के तहत कीव को किन इलाकों को छोड़ना पड़ सकता है।
तास के मुताबिक, जेलेंस्की ने इन दावों को खारिज किया है और रूस के साथ बातचीत के दबाव की खबरों पर नाराजगी जाहिर की है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें नहीं पता वे दावे कहां से आए हैं।
चार नवंबर को कीव में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेलेंस्की ने कहा, वक्त गुजर चुका है, लोग थक चुके हैं..लेकिन यह एक गतिरोध थमा नहीं है। रूस-यूक्रेन संघर्ष 20वें महीने में प्रवेश कर चुका है। पश्चिमी देशों की ओर से कीव को लगातार मदद प्रदान की जा रही है।
वॉशिंगटन में रूसी राजदूत एनाटोली एनटोनोव ने कहा, यूक्रेन को हाल में दिए गए अमेरिकी सैन्य सहायता पैकेज को कीव शासन के लिए हर मर्ज की दवा के रूप में लेबल किया गया है, लेकिन यह भी पूरी तरह से खत्म होने के कगार पर है।
खबर के मुताबिक, इस बीच, अमेरिका ने सोमवार को यूक्रेन को नई सैन्य मदद के रूप में सौ मिलयन अमेरिकी डॉलर के पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में एंटी-टैंक हथियार, एयर डिफेंस इंटरसेप्टर और एक हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट शामिल होगा।