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वियतनाम युद्ध की आइकॉनिक फोटो हटाने पर निशाने पर आए जुकरबर्ग

Sat, 10 Sep 2016 04:59 AM IST
एजेंसी/ ओस्लो
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- फोटो : www.wsj.com
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वियतनाम युद्ध के दौरान लिए गए एक फोटो को फेसबुक से हटाने के फैसले पर फेसबुक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग मीडिया के निशाने पर आ गए हैं। नॉर्वे के सबसे बड़े समाचार पत्र ऑफनपोस्ट ने अपने पहले पेज पर जुकरबर्ग के नाम पत्र लिखकर उन्हें ताकत का गलत इस्तेमाल करने वाला बताया है। अखबार ने इस हरकत को लोकतांत्रिक मूल्यों पर चोट करने वाला बताया।
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फोटोग्राफर निक उट द्वारा 8 जून 1972 को लिए गए इस फोटो को पुलित्जर सम्मान भी मिल चुका है। इस फोटो में वियतनाम युद्ध के दौरान नापाम शहर में सड़क पर भागते बदहवास बच्चे दिखाई दे रहे हैं, पीछे की तरफ आग लगी है। इन बच्चों में एक 9 साल की बच्ची किम फुक नग्न हालत में ही दौड़ लगाती दिख रही है। इसे ‘नापाम गर्ल’ का शीर्षक देकर युद्ध की विभीषिका के बतौर प्रस्तुत किया गया है। 

फेसबुक ने कुछ सप्ताह पहले नॉर्वे के लेखक टॉम एगिलैंड की पोस्ट से इतिहास को बदलने वाली यह फोटो हटा दी। नॉर्वे के अखबार ऑफनपोस्ट ने जब एगिलैंड की खबर को उसी फोटो के साथ फेसबुक पर पोस्ट किया तो उसे फेसबुक की तरफ से नोटिस मिला कि ‘या तो यह फोटो हटाएं अन्यथा नग्न फोटो को धुंधला कर दें’। 
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नोटिस में लिखा था कि कोई भी फोटो जिसमें नग्न महिला के ब्रेस्ट अथवा यौन अंगों को दिखाया जा रहा होगा उसे फेसबुक से हटा दिया जाएगा। पत्र के एडिटर इन चीफ एस्पेन एजिल हेंसन ने लिखा कि वे इस नोटिस पर कुछ कहते इससे पहले ही फेसबुक ने उनकी पोस्ट से भी यह फोटो हटा दी। 
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आखिरकार विवाद गहराता देख फेसबुक ने अपना फैसला बदल लिया है और वियतनाम युद्ध की आइकॉनिक तस्वीर लगी रहने को हरी झंडी दे दी है।
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