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उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण 'विश्वासघात' नहीं, ट्रंप ने बताई वजह

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sat, 11 May 2019 11:02 AM IST
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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : File Photo

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा है कि उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किया गया मिसाइल परीक्षण विश्वासघात नहीं था। ट्रंप ने कहा, "वो शॉर्ट रेंज की मिसाइल है और मैं इसे विश्वासघात नहीं मानता। और, क्या आप जानते हैं, कुछ बिंदुओं पर मैं मान सकता हूं, लेकिन इस बिंदू पर मैं नहीं मानता।"

बता दें उत्तर कोरिया ने गुरुवार को मध्यम दूरी की दो मिसाइलों का प्रक्षेपण किया था। दक्षिण कोरियाई सेना के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी थी।



उत्तर कोरिया ने पांच दिनों के अंदर यह दूसरी मिसाइल प्रक्षेपित की है, जिससे कोरियाई देशों के बीच संबंध सुधार और अमेरिका एवं उत्तर कोरिया के बीच परमाणु वार्ता के भविष्य को लेकर आशंकाएं बढ़ गयी हैं।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ और रक्षा मंत्रालय के अनुसार मिसाइलों ने क्रमश: 420 किलोमीटर और 270 किलोमीटर की दूरी तय की। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने कहा कि देश के नेता किम जोंग उन ने गुरुवार को हथियारों की परीक्षण प्रक्रिया का नेतृत्व किया। हालांकि इसमें मिसाइलों के किस्म की जानकारी नहीं दी गई थी।

उत्तर कोरिया के आधिकारिक ‘रोडोंग सिनमुन’ अखबार ने तस्वीरें प्रकाशित की हैं जिसमें किम रॉकेट लांच के समय दूरबीन लगाए हुए मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल हैं।

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उनका उत्तर कोरियाई नेता के साथ अच्छा संबंध है लेकिन उनका मानना है कि उनका किम जोंग उन के प्रति विश्वास कुछ कम हो सकता है। सिंगापुर में ट्रंप के साथ हुए पहले शिखर सम्मेलन के बाद किम ने कहा था कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर देंगे लेकिन जब दोनों के बीच हनोई में हुआ दूसरा शिखर सम्मेलन विफल रहा तो किम ने मिसाइल परीक्षण का काम शुरू कर दिया।

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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : File Photo
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा है कि उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किया गया मिसाइल परीक्षण विश्वासघात नहीं था। ट्रंप ने कहा, "वो शॉर्ट रेंज की मिसाइल है और मैं इसे विश्वासघात नहीं मानता। और, क्या आप जानते हैं, कुछ बिंदुओं पर मैं मान सकता हूं, लेकिन इस बिंदू पर मैं नहीं मानता।"

बता दें उत्तर कोरिया ने गुरुवार को मध्यम दूरी की दो मिसाइलों का प्रक्षेपण किया था। दक्षिण कोरियाई सेना के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी थी।

उत्तर कोरिया ने पांच दिनों के अंदर यह दूसरी मिसाइल प्रक्षेपित की है, जिससे कोरियाई देशों के बीच संबंध सुधार और अमेरिका एवं उत्तर कोरिया के बीच परमाणु वार्ता के भविष्य को लेकर आशंकाएं बढ़ गयी हैं।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ और रक्षा मंत्रालय के अनुसार मिसाइलों ने क्रमश: 420 किलोमीटर और 270 किलोमीटर की दूरी तय की। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने कहा कि देश के नेता किम जोंग उन ने गुरुवार को हथियारों की परीक्षण प्रक्रिया का नेतृत्व किया। हालांकि इसमें मिसाइलों के किस्म की जानकारी नहीं दी गई थी।

उत्तर कोरिया के आधिकारिक ‘रोडोंग सिनमुन’ अखबार ने तस्वीरें प्रकाशित की हैं जिसमें किम रॉकेट लांच के समय दूरबीन लगाए हुए मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल हैं।

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उनका उत्तर कोरियाई नेता के साथ अच्छा संबंध है लेकिन उनका मानना है कि उनका किम जोंग उन के प्रति विश्वास कुछ कम हो सकता है। सिंगापुर में ट्रंप के साथ हुए पहले शिखर सम्मेलन के बाद किम ने कहा था कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर देंगे लेकिन जब दोनों के बीच हनोई में हुआ दूसरा शिखर सम्मेलन विफल रहा तो किम ने मिसाइल परीक्षण का काम शुरू कर दिया।

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन - फोटो : PTI

70 देशों ने परमाणु हथियार नष्ट करने को कहा

विश्व के 70 देशों ने उत्तर कोरिया से शुक्रवार को आग्रह किया कि उसे वैश्विक शांति को खतरा उत्पन्न कर रहे अपने परमाणु हथियार, बैलेस्टिक मिसाइल और संबंधित कार्यक्रम खत्म कर देने चाहिए। आग्रह करने वाले देशों में अमेरिका, दक्षिण कोरिया के साथ-साथ एशिया, लातिन अमेरिका और यूरोप के राष्ट्र शामिल हैं।

रूस और चीन उत्तर कोरिया का समर्थन करते हैं, इसलिए उन्होंने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इस दस्तावेज का मसौदा फ्रांस ने तैयार किया है। दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले देशों को उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार और बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा को बड़ा खतरा नजर आता है।

इन देशों ने उत्तर कोरिया से किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई से बचने का अनुरोध किया। 
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