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साहित्य का नोबेल: रोजमर्रा की कठिनाइयों को शब्दों में गढ़ते हैं फॉसे, नार्वे की इस भाषा में करते हैं लेखन

Fri, 06 Oct 2023 06:13 AM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम

सार

नोबेल विजेता घोषित होने पर खुशी जाहिर करते हुए जॉन ने कहा कहा कि यह पुरस्कार उस तरह के साहित्य के लिए दिया गया है, जो साहित्य के अलावा और कुछ नहीं है। 
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Jon Fosse - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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साहित्य का नोबेल पाने वाले जॉन फॉसे का लेखन दो मायने में खास है। एक तो वह अपने पात्रों के जरिये रोजमर्रा के जीवन में पेश आने वाली कठिनाइयां और उनसे लड़ने की जिजीविषा को उकेरते हैं। वह असुरक्षा और हताशा जैसी अनकही मानवीय संवेदनों को बेहद शानदार ढंग से शब्दों में गढ़ते हैं। इसके अलावा, वह नार्वे की उस भाषा में लिखते हैं जिसमें ग्रामीण परिवेश की खुशबू बसी है।

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1959 में नॉर्वे में जन्मे फॉसे का महज सात वर्ष की आयु में एक भयानक हादसे के शिकार हुए थे। हालांकि, इस हादसे में वे बाल-बाल बचे गए, लेकिन उसका खौफ उनके जेहन में बहुत गहरे तक बस गया। उनके लेखन में इस हादसे का गहरा असर दिखता भी है। फॉसे ने पहला उपन्यास रेड एंड ब्लैक लिखा था जो कि आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रित था। फॉसे नार्वे की दो आधिकारिक भाषाओं में से एक निनोर्स्क में लिखते हैं।


नॉर्वे की भाषा परिषद के मुताबिक, देश की 54 लाख आबादी में से केवल 10% लोग ही इसका उपयोग करते हैं, हालांकि दूसरी भाषा बोकमाल में लिखने-पढ़ने वाले बाकी लोग इसे पूरी तरह समझते हैं। बोकमाल नार्वे की सत्ता की भाषा है, और शहरी वर्ग इसे ही तरजीह देता है, जबकि निनोर्स्क का उपयोग मुख्यत: ग्रामीण पश्चिमी नॉर्वे के लोग करते हैं।
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हमेशा से इस पल का इंतजार था
नोबेल विजेता घोषित होने पर खुशी जाहिर करते हुए जॉन ने कहा कहा कि यह पुरस्कार उस तरह के साहित्य के लिए दिया गया है, जो साहित्य के अलावा और कुछ नहीं है। फॉसे ने मजाकिया अंदाज में कहा, मैं तो एक दशक से हर बार ही इंतजार करता था, और इसकी घोषणा से उत्साहित हुआ भी और नहीं भी। फॉसे ने पुरस्कार पर खुशी जाहिर की।

संगीत की धुन भी बनाते हैं फॉसे
लेखन की दुनिया में फॉसे की हैसियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी लिखी किताबें 40 से ज्यादा भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। लेखन के अलावा फॉसे को संगीत का भी शौक है। वे गानों की धुन बनाते हैं। वे दुनिया के सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली 100 जीवित शख्सों में 83वें स्थान पर हैं।

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