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पाकिस्तान: क्या इमरान खान खुद अपनी ‘राजनीतिक श्रद्धांजलि’ लिख रहे हैं?

Fri, 01 Apr 2022 05:07 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद शाहिद खकन अब्बासी ने कहा है कि प्रधानमंत्री को तुरंत अपने मनोविज्ञान की जांच कराने की जरूरत है। इस जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। अब्बासी ने कहा- ‘प्रधानमंत्री ने सारा विवेक और समझदारी खो दी है। अब पाकिस्तान के लोग उनकी राजनीतिक श्रद्धांजलि लिखेंगे।’
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इमरान खान - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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सत्ता हाथ से जाती देख पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जो आक्रामक रणनीति अपनाई है, उसने पाकिस्तानी सियासत की गहरी समझ रखने वाले पर्यवेक्षक हैरान हैं। इसे देखते हुए पाकिस्तानी मीडिया के एक हिस्से यह सवाल उठाया गया है कि क्या इमरान खान खुद अपनी ‘राजनीतिक श्रद्धांजलि’ लिख रहे हैं। गुरुवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए इमरान खान ने जज्बाती भाषण दिया। इसमें उन्होंने उन्हें सत्ता से हटाने के लिए रची गई ‘विदेशी साजिश’ को मौजूदा समस्या की जड़ बताया। जानकारों का कहना है कि इस तरह इमरान खान ने अपने आखिरी दांव के तहत देश में अपने लिए आम लोगों की हमदर्दी पाने की कोशिश की है।

उल्टा पड़ सकता है ‘विदेशी साजिश’ कार्ड

पर्यवेक्षकों का कहना है कि साढ़े तीन साल पहले इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ऊंची उम्मीदें जगाते हुए सत्ता में आई थी। ‘नया पाकिस्तान’ बनाने का वादा कर इमरान ‘पुराने पाकिस्तान’ के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों को गोलबंद करने में सफल रहे थे। लेकिन बढ़ती आर्थिक समस्याओं और आम तौर पर देश में अभाव के माहौल में तब जगी उम्मीदें टूट चुकी हैं। इसलिए ‘विदेशी साजिश’ का इमरान का कार्ड चल पाएगा, इसमें संदेह है। उलटे इस दांव से कूटनीतिक और रक्षा हलकों में इमरान के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।

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थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ लेजिस्लेटिव डेवलपमेंट एंड ट्रांसपैरेंसी के अध्यक्ष अहमद बिलाल महबूब ने अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा- ‘विदेश नीति संबंधी एक संवेदनशील मसले का इरादतन या गैर-इरादतन सियासी स्वार्थ में इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया गया है कि विदेश से पत्र सात मार्च को प्राप्त हुआ। उसका जवाब 27 मार्च को दिया गया। वह भी अविश्वास प्रस्ताव का मुकाबला करने के लिए आयोजित रैली में। इसलिए मुझे ये मुद्दा विश्वसनीय नहीं मालूम पड़ता है।’

'देशभक्ति दुष्ट लोगों की आखिरी शरणस्थली'

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद शाहिद खकन अब्बासी ने कहा है कि प्रधानमंत्री को तुरंत अपने मनोविज्ञान की जांच कराने की जरूरत है। इस जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। अब्बासी ने कहा- ‘प्रधानमंत्री ने सारा विवेक और समझदारी खो दी है। अब पाकिस्तान के लोग उनकी राजनीतिक श्रद्धांजलि लिखेंगे।’ पहले रक्षा और विदेश मंत्री रह चुके खुर्रम दास्तगीर खान ने प्रधानमंत्री के आरोप पर अपनी प्रतिक्रिया में सैमुएल जॉनसन के इस कथन का हवाला दिया कि देशभक्ति दुष्ट लोगों की आखिरी शरणस्थली होती है। उन्होंने कहा कि इमरान खान अब अमेरिका-विरोधी भावनाओं की आड़ लेने की कोशिश कर रहे हैँ।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इस मुद्दे पर नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की अब हुई बैठक पर सवाल उठाया है। पार्टी की सीनेटर शेरी रहमान ने कहा कि ये बैठक आठ या नौ मार्च को ही होनी चाहिए थी और पत्र का जवाब दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा- यह दुखद है कि प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक अस्तित्व के सवाल को राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे से जोड़ दिया है।

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पर्यवेक्षकों का कहना है कि विपक्ष पर विदेशी हाथों में खेलने का आरोप लगाकर इमरान खान देश की सियासत में अलग-थलग पड़ गए हैं। लगे हाथ उन्होंने देश में मौजूद मजबूत अमेरिकी लॉबी को भी नाराज कर दिया है। ऐसे में उनका राजनीतिक भविष्य गंभीर सवालों से घिर गया है।

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