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निज्जर हत्या मामला: PM ट्रूडो की गलती से हिंदुओं पर बढ़ा खतरा, आतंकी संगठन ने दी देश छोड़ने की धमकी

Wed, 20 Sep 2023 12:39 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओटावा

सार

भारत में आतंकवादी घोषित गुरपतवंत पन्नुं ने एक वीडियो जारी कर हिंदुओं को धमकी दी। कहा- जो लोग न केवल भारत का समर्थन कर रहे, बल्कि खालिस्तान समर्थक सिखों के भाषण और अभिव्यक्ति के दमन का भी समर्थन कर रहे उन्हें तुरंत कनाडा छोड़कर चले जाना चाहिए।
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कनाडा में हिंदुओं पर बढ़ सकते हैं खालिस्तानियों के हमले। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कनाडा और भारत के बीच हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने भारतीय मूल के हिंदुओं को तुरंत कनाडा छोड़ने के लिए कहा है। उसने भारत का समर्थन करने और निज्जर की हत्या का जश्न मनाने को लेकर भारतवंशियों को धमकी दी है। बता दें, खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस को भारत में साल 2019 में प्रतिबंधित कर दिया था। 

भारत में आतंकवादी घोषित गुरपतवंत पन्नुं ने एक वीडियो जारी कर धमकी दी। कहा- इंडो-हिंदू कनाडा छोड़ो, भारत जाओ। उसने कहा कि जो लोग न केवल भारत का समर्थन करते हैं, बल्कि खालिस्तान समर्थक सिखों के भाषण और अभिव्यक्ति के दमन का भी समर्थन कर रहे हैं। उन्हें तुरंत कनाडा छोड़ देना चाहिए। 

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यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो और भारत सरकार के बीच तीखी बहस चल रही है। दरअसल, ट्रूडो ने आरोप लगाया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार की साजिश हो सकती है। इसपर भारत सरकार ने भी पलटवार कर सभी बयानों को बेतुका बताया। साथ ही आरोप लगाया कि वह भड़काने की कोशिश कर रहा है। इस बयान के कुछ घंटे बाद ट्रूडो ने जोर देकर कहा कि कनाडा 'उकसाने या भड़काने' की कोशिश नहीं कर रहा है।

कनाडाई हिंदूज फॉर हार्मनी के प्रवक्ता विजय जैन ने पन्नुं की धमकी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हम शहर में हर तरफ हिंदूफोबिया देख रहे हैं। ट्रूडो की टिप्पणी से हिंसा भड़क सकती हैं। उन्होंने कहा कि हम सबको चिंता सता रही है कि कही 1985 की घटना की तरह कनाडाई हिंदुओं को निशाना न बनाया जाए। 

जैन का इशारा जून 1985 की उस घटना से था, जिसमें कई लोग मारे गए थे। यह कनाडा के इतिहास का सबसे भयावह आतंकी हमला था। 25 जून 1985 को फ्लाइट मॉन्ट्रियल से लंदन के रास्ते पर थी और अटलांटिक महासागर से 31,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी कि अचानक इसमें ब्लास्ट हो गया। इसमें सवार 307 यात्री और चालक दल के 22 सदस्य मारे गए थे। कनाडा हर साल 23 जून को बमबारी में मारे गए लोगों की याद में आतंकवाद के पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय स्मरण दिवस मनाता है।

टिप्पणीकार रूपा सुब्रमण्य ने पन्नूं की धमकी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'अगर किसी श्वेत ने धमकी दी हो कि सभी अश्वेत लोगों को कनाडा छोड़ देना चाहिए, तो कल्पना कीजिए कि कितना हंगामा होगा। फिर भी जब कोई खालिस्तानी कनाडा में एक कार्यक्रम में हिंदुओं को धमकाता है, तो हर कोई इसे नजरअंदाज कर देता है। 

आतंकी संगठन एसएफजे का कहना है कि वह ट्रूडो सरकार के हालिया कदमों से काफी खुश है। 

वहीं, कनाडा के राष्ट्रीय दैनिक 'द ग्लोब एंड मेल' में एक लेख में एंड्रयू कोयने ने निज्जर की हत्या के बाद देश में शांति बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, 'ऐसे कई सिख कनाडाई होंगे, जो निज्जर की हत्या से दुखी होंगे। कुछ क्रोधित होंगे और उनमें से कुछ को बदला देने के लिए लालच दिया जा सकता है। इसलिए इस समय शांति पर ध्यान दें। 

कनाडा की मंत्री अनीता आनंद, जो एक हिंदू हैं, ने शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई और भारत से आने वाले परिवारों को ट्रूडो का बयान नहीं अच्छा लगा होगा। उन्होंने कहा कि बयान सुनना मुश्किल था, लेकिन यह कानूनी प्रक्रिया को जारी रखने का समय है। 

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