इसके चलते कई राज्यों में आपातकाल घोषित करना पड़ा। न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में रविवार से सोमवार के बीच करीब 20 इंच बर्फ दर्ज की गई, जबकि लॉन्ग आइलैंड के इस्लिप में 22 इंच से ज्यादा बर्फ गिरी। रोड आइलैंड के प्रोविडेंस में 32.8 इंच बर्फबारी ने 1978 का 28.6 इंच का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
खराब मौसम को देखते हुए न्यूयॉर्क सिटी में एहतियातन स्कूल, सड़कें, पुल और हाईवे अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। हालांकि हालात में सुधार होने पर मेयर ने प्रतिबंध हटाते हुए स्कूलों को मंगलवार से फिर खोलने की घोषणा की। मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हीली ने कुछ इलाकों में ट्रैवल बैन लागू कर लोगों से घरों में रहने की अपील की, जबकि रोड आइलैंड के गवर्नर डैन मैकी ने पूरे राज्य में यात्रा पर रोक लगा दी। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने भी पूरे राज्य में इमरजेंसी घोषित कर नेशनल गार्ड को अलर्ट पर रखा।
ट्रेन सेवाएं भी हुई बाधित
तूफान का असर केवल सड़क और हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच ट्रेन सेवाएं सोमवार रात तक निलंबित रहीं, वहीं ब्रॉडवे के सभी शो भी रविवार शाम रद्द कर दिए गए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह लगभग एक दशक का सबसे शक्तिशाली नॉरईस्टर तूफान माना जा रहा है, जिसमें कई इलाकों में प्रति घंटे 2 से 3 इंच तक बर्फ गिरने और हवा की रफ्तार 110 मील प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई।
कैसे बनता है ये तूफान?
नॉरईस्टर दरअसल अमेरिका के पूर्वी तट पर आने वाला तेज शीतकालीन तूफान होता है, जिसमें हवाएं आमतौर पर उत्तर-पूर्व दिशा से चलती हैं। यह तब बनता है जब कनाडा से आने वाली बेहद ठंडी हवा अटलांटिक महासागर से उठने वाली अपेक्षाकृत गर्म और नम हवा से टकराती है। समुद्र का अपेक्षाकृत गर्म पानी हवा में नमी बढ़ाता है, जो ठंडी हवाओं से मिलकर भारी बर्फबारी का कारण बनती है। इसके साथ ऊपरी वायुमंडल में तेज गति से बहने वाली जेट स्ट्रीम इस मौसम प्रणाली को और अधिक शक्तिशाली बना देती है, जिससे तेज बर्फीले तूफान का रूप ले लेता है।