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US: 'जरूरी खनिजों पर चीन की पकड़ से रक्षा उद्योग को खतरा', अमेरिकी सांसदों ने दी चेतावनी

Wed, 25 Feb 2026 10:14 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

दुर्लभ खनिज रक्षा उत्पादन और आधुनिक तकनीक के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। फिलहाल चीन का दुर्लभ खनिज पर काफी नियंत्रण है, जिस पर अमेरिकी सांसदों ने चिंता जाहिर की है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। 
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अमेरिका की संसदीय रक्षा समिति के नेता - फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
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अमेरिका में महत्वपूर्ण खनिजों और आधुनिक तकनीकी सप्लाई चेन्स को लेकर चिंता बढ़ रही है। अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि महत्वपूर्ण खनिजों पर चीन का दबदबा संकट के समय में अमेरिकी रक्षा उद्योग को कमजोर कर सकता है। वहीं, पेंटागन ने घरेलू सप्लाई चेन के पुनर्निर्माण के लिए किए गए विवादित इक्विटी निवेश और मूल्य गारंटी का बचाव किया है।
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 'चीन पर अमेरिका की निर्भरता सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी'
  • सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष रोजर विकर ने सप्लाई चेन के पुनर्निर्माण पर कांग्रेस की सुनवाई में कहा, 'यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कहना नहीं होगा कि महत्वपूर्ण खनिजों पर चीन के पर अमेरिका की निर्भरता हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरियों में से एक है।' उन्होंने चेतावनी दी कि दुर्लभ धातुओं (रेयर अर्थ) के निर्यात में कटौती की धमकियों से अमेरिकी रक्षा उत्पादन घुटनों पर आ जाता और अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान होता।
  • पेंटागन औद्योगिक नीति प्रमुख माइकल कैडेनाजी ने सीनेटरों को बताया कि यह जोखिम तत्काल है। उन्होंने कहा, 'यह कोई सैद्धांतिक जोखिम नहीं है। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट और मौजूदा खतरा है।' उन्होंने चेतावनी दी कि बीजिंग इन सप्लाई चेन को हथियार बना सकता है, जिससे हमारे डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस में रुकावट आने और संकट में मिलिट्री की तैयारी से समझौता करने का खतरा है।
  • कैडेनाजी ने बताया कि विभाग ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के तहत और इंडस्ट्रियल बेस फंड के जरिए खनिज क्षेत्र में 97 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया और अमेरिका एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें उत्पादन को वापस लाना, सहयोगियों के साथ काम करना, रिसर्च और रीसाइक्लिंग में निवेश व राष्ट्रीय रक्षा भंडार का आधुनिकीकरण करना शामिल है।
  • उन्होंने दुर्लभ धातुओं के उत्पादन को सुरक्षित करने के लिए 'एमपी मैटेरियल्स समझौते' का जिक्र किया। 
  • हालांकि, दोनों दलों के सांसदों ने पेंटागन पर कैलिफोर्निया में एमपी मटेरियल्स नाम की दुर्लभ धातु खनन कंपनी में 40 करोड़ डॉलर की लागत से 15 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी लेने पर सवाल उठाए। रैंकिंग मेंबर जैक रीड ने इस तरह के निवेश के कानूनी आधार पर सवाल उठाया और कहा कि डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट में 'इक्विटी निवेश का बिल्कुल भी जिक्र नहीं है।' 
  • कैडेनाजी ने इक्विटी निवेश का बचाव करते हुए कहा कि यह निजी निवेश के लिए उत्प्रेरक है, खासकर उस स्थिति में जब बाजार-आधारित दृष्टिकोण विफल रहा। उन्होंने तर्क दिया कि मूल्य-न्यूनतम खुले बाजार के विश्लेषण के आधार पर तय किए गए, ताकि चीन की ओर से नियंत्रित मूल्य-न्यूनतम का मुकाबला किया जा सके।
  • सुनवाई में परमिट और पर्यावरण सुरक्षा उपायों को लेकर मतभेद भी सामने आया। सीनेटर डैन सुलिवन ने कहा कि पर्यावरण संबंधी पाबंदियां माइनिंग डेवलपमेंट के लिए विवाद का एक बड़ा मुद्दा रही हैं, जबकि सीनेटर माजी के. हिरोनो ने कहा कि पर्यावरण संबंधी जरूरतें जरूरी हैं और हम सिर्फ इसलिए उन चीजों को नहीं छोड़ सकते, क्योंकि हम जरूरी खनिजों का खनन करना चाहते हैं।
(आईएएनएस इनपुट)
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