ब्रेक्जिट पर दूसरा जनमत संग्रह कराए जाने से ब्रिटेन के लोगों का विश्वास टूट सकता है। प्रधानमंत्री टेरिजा मे दूसरे जनमत संग्रह का समर्थन करने वाले सांसदों को इसपर चेतावनी देंगी। पूर्व प्रधानमंत्री जॉन मेजर और टॉनी ब्लेयर उन लोगों में हैं जो नए जनमत संग्रह का आग्रह करते हैं।
लेकिन प्रधानमंत्री मे इससे होने वाले नुकसानों के बारे में सबको बताएंगी। वह कहेंगी कि इससे ब्रिटेन की राजनीति को अपूर्णीय क्षति पहुंचेगी। यह राजनीति अखंडता को भी नुकसान पहुंचाएगा।
मे कहेंगी कि नया जनमत संग्रह देश को ऐसे समय में बांटेगा जब हमें उसे एकजुट करने की आवश्यकता है। बीते हफ्ते भी मे ने अपनी ब्रेक्जिट डील पर सांसदों की बैठक बुलाई थी। यह स्वीकार करते हुए कि उनकी मांग को खारिज कर दिया जाएगा। इस मामले पर सांसद एंथनी चार्ल्स लिन्टन ब्लेयर का कहना है कि मे के सुझाव का बहुत से सांसदों ने विरोध किया।
उन्होंने कहा कि 30 मिनट तक चली बातचीत के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला और आखिर में कहा गया कि लोगों का फैसला ही माना जाएगा। लेकिन मे सोमवार को सांसदों से कह सकती हैं कि एक और जनमत संग्रह कराकर ब्रिटेन के लोगों का विश्वास न तोड़ें।
इससे पहले रविवार को मे ने कहा था कि मिस्टर ब्लेयर एक और जनमत संग्रह का समर्थन करते हैं, यह अपमान है उस ऑफिस का जिसे वो संभाल चुके हैं और ब्रेक्जिट पर हुई बातचीत को भी ये कमजोर कर सकता है। एक अन्य सांसद का कहना है कि नया जनमत संग्रह 2016 के जनमत संग्रह से अलग होगा क्योंकि अब हम जानते हैं कि ब्रेक्जिट का मतलब क्या है।