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पड़ोसी मुल्क की खबरें: नेपाल में चार मंत्रियों की कैबिनेट से विदाई, पाक में इमरान की पार्टी के सीनेटर गिरफ्तार

Thu, 13 Oct 2022 09:48 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू/इस्लामाबाद
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प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा - फोटो : अमर उजाला
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नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा ने जनता समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले 4 मंत्रियों को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से यह बयान जारी किया गया। जनता समाजवादी पार्टी (JSP) द्वारा आगामी चुनावों के लिए विपक्ष के साथ गठबंधन करने के बाद देउबा ने यह निर्णय लिया। खाली हुए मंत्रालय अब देउबा संभालेंगे।

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राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने चार मंत्रियों को उनके कार्यभार से मुक्त कर दिया है। जिन चार मंत्रियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें संघीय मामलों और सामान्य प्रशासनिक मामलों के मंत्री राजेन्द्र श्रेष्ठ, वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रदीप यादव, बुनियादी ढांचा मंत्री मोहम्म्द इस्तियाक राय और कृषि एवं मवेशी मंत्री मृगेन्द्र कुमार सिंह शामिल हैं।

इस बीच पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के एक सीनेटर को सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पर देश के उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार को वैध ठहराने का आरोप लगाने के आरोप में गुरुवार को यहां गिरफ्तार किया गया। सीनेटर आजम खान स्वाति को थल सेनाध्यक्ष जनरल बाजवा को निशाना बनाकर किए गए उनके तीखे ट्वीट के बाद गिरफ्तार किया गया था।
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उन्होंने बुधवार को एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और हमजा शहबाज के बरी होने के बाद ट्वीट किया कि मिस्टर बाजवा आपको और कुछ को बधाई। आपकी योजना वास्तव में काम कर रही है और इस देश की कीमत पर सभी अपराधी मुक्त हो रहे हैं। इन ठगों के मुक्त होने से आपने भ्रष्टाचार को वैध कर दिया है। अब आप इस देश के भविष्य की भविष्यवाणी कैसे करते हैं?

आजम पर तब मामला दर्ज किया गया था जब संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने इस्लामाबाद में अपने साइबर अपराध रिपोर्टिंग केंद्र में पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। प्राथमिकी में कहा गया है कि उन्होंने द इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान के स्टेट इंस्टीट्यूट्स और पाकिस्तान सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ सहित इसके वरिष्ठ सरकारी पदाधिकारियों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण इरादों और गलत इरादों के साथ ट्वीट किया। यह लोगों और सेना के कर्मियों के मन में सीओएएस और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नफरत पैदा करने का एक सुविचारित प्रयास है और न्यायिक प्रणाली के प्रति अविश्वास भी पैदा करता है।

 प्राथमिकी के अनुसार, इस तरह के ट्वीट में आरोपी मुहम्मद आजम खान स्वाति ने राज्य के स्तंभों के बीच द्वेष की भावना पैदा करने की कोशिश कर आम जनता और सशस्त्र बलों के कर्मियों को भड़काने का प्रयास किया है। इससे पहले लाहौर की एक अदालत ने प्रधानमंत्री शहबाज और उनके बेटे को बरी कर दिया था, जहां उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग में लगभग 16 अरब रुपये के मामले का सामना करना पड़ा था।

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