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Russia Ukraine Crisis: रूस-यूक्रेन जंग के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, बोले- विश्व युद्ध नहीं चाहते

Thu, 13 Oct 2022 09:26 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

इससे पहले न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें उच्च स्तरीय सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह समय युद्ध का नहीं है।
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व्लादिमीर पुतिन और इमैनुएल मैक्रों - फोटो : social media
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विस्तार
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस-यूक्रेन संकट के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ट्विटर के जरिए कहा कि हम विश्व युद्ध नहीं चाहते हैं। हम यूक्रेन को उसकी धरती पर विरोध करने में मदद कर रहे हैं। हम यह नहीं चाहते कि यूक्रेन भी रूस पर हमला कर दे। इसलिए हम यूक्रेन की मदद नहीं कर रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस युद्ध को रोकना चाहिए और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए।

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इससे पहले न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें उच्च स्तरीय सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह समय युद्ध का नहीं है। बता दें कि हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की वार्षिक बैठक के इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यह समय युद्ध का नहीं है। मोदी ने यह बात रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर कही थी। 

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने क्या कहा था?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही कहा था कि यह समय युद्ध का नहीं है। यह पश्चिम से बदला लेने का समय नहीं है, या पूर्व के खिलाफ पश्चिम के विरोध का समय नहीं है। आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए यह हमारे संप्रभु समान  देशों के साथ आने का समय है। 
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प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के सामने कहा था, आज का युग युद्ध का नहीं है। मैं आपसे फोन कॉल पर इसके बारे में बात की है। आज हमें इस बारे में चर्चा करने का अवसर मिलेगा कि हम कैसे शांति और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकते हैं। भारत और रूस कई दशकों तक एक दूसरे के साथ रहे हैं। 
 
उन्होंने आगे कहा था, हमने भारत-रूस द्विपक्षीय और विभिन्न मुद्दों को लेकर फोन पर कई बार चर्चा की है। हमें खाद्य, ईंधन सुरक्षा और उर्वरक की समस्याओं के समाधान के तरीके खोजने चाहिए। मैं यूक्रेन से हमारे छात्रों को निकालने में मदद के लिए रूस और यूक्रेन को धन्यवाद देना चाहता हूं। 

राष्ट्रपति पुतिन ने दिया था ये जवाब
प्रधानमंत्री मोदी का जवाब देते हुए राष्ट्रपति ने पुतिन ने कहा था कि वह यूक्रेन संघर्ष में भारत की स्थिति को जानते हैं और चाहते हैं कि यह सब (युद्ध) जल्द से जल्द खत्म हो।

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