फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ratan Tata: रतन टाटा के निधन पर पर दुनिया गमगीन; नेपाली PM, अमेरिकी राजनयिक से लेकर तमाम दिग्गजों ने जताया दुख

Thu, 10 Oct 2024 12:32 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

भारत के रतन कहे जाने वाले दिग्गज उद्योगपति अरबपतियों में शामिल होने के बावजूद अपनी सादगी से हर किसी का दिल जीत लेते थे। उनके निधन से देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में शोक की लहर है। 
विज्ञापन
रतन टाटा के निधन पर दुनियाभर में शोक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के जाने-माने उद्योगपति और टाटा संस के आजीवन चेयरमैन एमिरेट्स रतन टाटा नहीं रहे।  भारत के रतन कहे जाने वाले दिग्गज उद्योगपति अरबपतियों में शामिल होने के बावजूद अपनी सादगी से हर किसी का दिल जीत लेते थे। वह अपनी कारोबारी उपलब्धियों के साथ-साथ अपने विनम्र स्वभाव और परोपकारी कार्यों के भी लिए जाने जाते थे। उनके निधन से देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में शोक की लहर है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा। 
विज्ञापन


नेपाली पीएम ने जताया दुख 
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'उद्योग जगत के एक सच्चे दिग्गज रतन टाटा के निधन से बहुत गहरा दुख हुआ है। व्यापार के साथ-साथ परोपकार में उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत से कहीं आगे तक बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को प्रभावित किया। उनकी विरासत और समाज पर सकारात्मक प्रभाव को संजोया जाएगा।'

विशाल दिल वाले दिग्गज को खोया: गार्सेटी
भारत में अमेरिका राजनयिक एरिक गार्सेटी ने कहा, 'भारत और दुनिया ने एक विशाल दिल वाले दिग्गज को खो दिया है। जब मुझे राजदूत के रूप में सेवा करने के लिए चुना गया था, तो भारत की ओर से पहली बधाई रतन टाटा ने दी थी, जिन्होंने दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के बोर्ड में सेवा करते हुए मेरे गृहनगर की बहुत सेवा की। उन्होंने अपने देश के लिए अधिक समृद्धि और समानता का भविष्य देखा और हमारी दुनिया के लिए बहुत कुछ किया। उनकी यादें हमेशा बनी रहेंगी।'
विज्ञापन


इनके अलावा, भारतीय अमेरिकियों ने दिग्गज उद्योगपति और परोपकारी रतन नवल टाटा के निधन पर शोक जताया और उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया जिन्होंने भारत को समृद्धि और विकास की ओर अग्रसर किया।

टाटा को भारत को बेहतर बनाने की गहरी चिंता थी: सुंदर पिचाई
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'रतन टाटा के साथ गूगल में मेरी आखिरी मुलाकात हुई थी। यहां हमने वेमो की प्रगति के बारे में बात की और उनका विजन सुनना प्रेरणादायक था। वे एक असाधारण व्यवसाय और परोपकारी विरासत छोड़ गए हैं और भारत में आधुनिक व्यावसायिक नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें भारत को बेहतर बनाने की गहरी चिंता थी। उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना और श्री रतन टाटा जी को शांति मिले।'

सबकी भलाई के लिए मानवता और करुणा के मूल्यों का समर्थन किया: केशप 
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के अध्यक्ष अतुल केशप ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित भारत के अद्वितीय और महान सपूत रतन टाटा कुलीनता और उदारता के लिए एक आदर्श हैं। उन्होंने आगे कहा, 'जबकि कुछ लोग गलती से व्यापार को तुच्छ समझते हैं, रतन टाटा ने वैश्विक दर्शकों को वाणिज्य की महानता की याद दिलाई, जबकि उन्होंने अपनी कंपनियों और भारत को अधिक समृद्धि और विकास की ओर अग्रसर किया। उन्होंने न केवल अपने सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों के लिए बल्कि व्यापक भलाई के लिए भी मानवता और करुणा के मूल्यों का समर्थन किया।'

क्या बोले इंडियास्पोरा के संस्थापक?
इंडियास्पोरा के संस्थापक एम आर रंगास्वामी ने कहा, 'इंडियास्पोरा समुदाय अत्यंत दुख के साथ रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करता है, जो एक दूरदर्शी नेता, दयालु परोपकारी और भारत के सबसे सम्मानित बिजनेस आइकॉन में से एक हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'उद्योग जगत में उनके असाधारण योगदान और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता ने न केवल भारत पर, बल्कि बड़े पैमाने पर विश्व पर एक अमिट छाप छोड़ी है। रतन टाटा की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनका जज्बा और योगदान हमेशा मार्गदर्शक बना रहेगा।'

टाटा आज ब्रांड क्योंकि रतन जैसे...: यूएसआईएसपीएफ के सीईओ
यूएस इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के सीईओ और अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा, 'टाटा आज एक प्रतिष्ठित ब्रांड नाम है क्योंकि इसका नेतृत्व रतन टाटा जैसे प्रतिष्ठित दूरदर्शी ने किया था। उन्होंने साहस और दृढ़ विश्वास से भरा जीवन जिया और एक खुशमिजाज दृष्टिकोण अपनाया। रतन टाटा ईमानदारी के स्तंभ थे, जब एक समय था जब लोग भारत में व्यापार और राजनीति की संस्कृति के बारे में नकारात्मक आलेख पढ़ा करते थे।'

इन लोगों ने भी याद किया
कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने बताया कि कॉर्नेल विश्वविद्यालय से स्नातक रतन टाटा कॉर्नेल विश्वविद्यालय के पूर्व ट्रस्टी थे, जो विश्वविद्यालय के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय दानदाता बन गए। वहीं, कंपनी के अंतरिम अध्यक्ष माइकल आई कोटलिकॉफ ने कहा, 'रतन टाटा ने भारत सहित दुनिया भर में और कॉर्नेल में असाधारण विरासत छोड़ी है।'

कॉर्नेल विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, आर्ट एंड प्लानिंग के डीन जे. मीजिन यून ने कहा, 'जब रतन टाटा ने आर्किटेक्चर में डिग्री के साथ कॉर्नेल से स्नातक किया था, तो यह कल्पना करना असंभव था कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, परोपकार और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का वैश्विक प्रभाव कई क्षेत्रों में शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में होगा।'

मैं उनके द्वारा किए कामों के लिए कृतज्ञता से भर गया: ड्रुकियर
रतन टाटा ने 2006 से 2022 तक कॉर्नेल ट्रस्टी के रूप में तीन कार्यकाल पूरे किए। उन्हें 2013 में कॉर्नेल के उद्यमी का नाम दिया गया और 2014 से वे AAP की सलाहकार परिषद के सदस्य के रूप में कार्यरत थे। अमेरिकी परोपकारी इरा ड्रुकियर ने कहा, 'रतन के जीवन और करियर पर नजर डालते हुए, मैं न केवल उनके द्वारा दिए गए और किए गए सभी कार्यों के लिए कृतज्ञता से भर गया हूं, बल्कि उनकी दयालुता, उदारता और शाश्वत आशावाद के लिए भी गहरा सम्मान महसूस करता हूं, जिसने भारत और दुनिया भर में लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है।'



न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, 'भारत के सबसे शक्तिशाली और प्रशंसित दिग्गजों में से एक रतन टाटा, जिन्होंने अपने परिवार के व्यवसाय समूह, टाटा समूह को वैश्विक रूप से पहचाने जाने वाले ब्रांडों के साथ एक बहुराष्ट्रीय निगम में बदल दिया, का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया।'
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें