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Nepal: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर माता जानकी के मायके में उत्साह, हर कोई भक्ति में सराबोर

Sun, 21 Jan 2024 08:01 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जनकरपुर

सार

शहर में चौबीसों घंटे भगवान राम और सीता के भजन गूंज रहे हैं। जानकी मंदिर रोशनी से सजाया गया है। हर जनकपुरधाम निवासी के चेहरे पर एक अलग उत्साह देखा जा सकता है।
 
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प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या के राम मंदिर की झलकियां - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के उद्धाटन की तैयारियां पूरी हो गई हैं। राम नगरी को सजा लिया गया है। ऐसे में, 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। वहीं, देवी सीता का मायका खुशी और उत्साह से भरा हुआ है। नेपाल में जनकपुरधाम में धूमधाम और उल्लास के साथ कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

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शहर में चौबीसों घंटे भगवान राम और सीता के भजन गूंज रहे हैं। जानकी मंदिर रोशनी से सजाया गया है। हर जनकपुरधाम निवासी के चेहरे पर एक अलग उत्साह देखा जा सकता है।

पूरा जनकपुर खुश है
जनकपुर निवासी भरत कुमार साह का कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हमारे लिए भी खुशी की लहर लेकर आया है। हमने उस दिन घटनाओं की एक श्रृंखला की योजना बनाई है, जो सुबह शुरू होगी और दिन के अंत तक चलेगी। सिंदूर के चूर्ण से रंगोली और फूलों से भगवान राम की तस्वीर बनाएंगे। हम अपने घर में दीपावली भी मनाएंगे। अयोध्या में मंदिर निर्माण से हम सभी खुश हैं। पूरा जनकपुर इससे खुश है।'
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कल होगा समारोह
22 जनवरी को होने वाले समारोह में भव्य मंदिर में रामलला की मूर्ति की स्थापना होगी। इसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सैकड़ों अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। ट्रस्ट ने समारोह के लिए सभी संप्रदायों के 4,000 संतों को भी आमंत्रित किया है। 

दीपावली मनाने के लिए तैयार लोग
जनकपुर के एक अन्य निवासी संजय मंडल ने कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से इससे काफी खुश और उत्साहित हूं। मैं 22 जनवरी को दीपावली मनाऊंगा और मंदिर में दीपक भी जलाऊंगा। मैं अपने दोस्तों और अन्य लोगों से 22 जनवरी को दीपावली मनाने के लिए कह रहा हूं।' 

बता दें, जनकपुरधाम एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है यह भगवान राम की पत्नी देवी सीता के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। धार्मिक ग्रन्थों और पौराणिक कथाओं के अनुसार यह स्थान राजा जनक जो की माता सीता के पिता थे उनके राज्य मिथिला की राजधानी हुआ करता था। यह वहीं स्थान है जहां से माता सीता प्रकट हुई थीं। इसी जगह पर जब राजा जनक खेत में हल चला रहे थे, तब उन्हें धरती से सोने का एक सुंदर संदूक या कलश मिला जिसमें देवी सीता थीं। 

जगह-जगह कार्यक्रम
देवी सीता के मायके में उत्सव के बीच, शहर भर के लाउड स्पीकर 'जय श्री राम' के नारे के साथ-साथ 'राम लला' को समर्पित गीतों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग के साथ गूंज रहे हैं। जनकपुर में रेलवे स्टेशन के बगल में स्थित महाबीर मंदिर में शनिवार को 'अस्ताजाम' शुरू हुआ, जिसमें चौबीसों घंटे राम भजनों का जाप किया गया। भक्तों ने राम के नारे लिखे स्कार्फ को पहना। 

जनकपुर में अस्तजाम के भक्तों और आयोजकों में से एक कमल हाथी ने कहा, 'भगवान हनुमान के बिना, भगवान राम कहीं नहीं जाएंगे; इसलिए हमने अष्टजाम का तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है, जो चौबीसों घंटे चलता है। 22 जनवरी को हम हनुमान आराधना करेंगे। इस दौरान 12 बार हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे और बाद में शाम को हम तेल से भरे मिट्टी के दीपक जलाएंगे।'

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