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Nasdaq: एडवर्ड नाइट ने भारत में नई कंपनियों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल को सराहा, स्टार्टअप को कही बड़ी बात

Thu, 16 Nov 2023 07:02 AM IST
गुलाम अहमद एजेंसी, वाशिंगटन

सार

नैस्डैक के उपाध्यक्ष ने कहा कि भारत को बढ़ती अर्थव्यवस्था में बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत, स्टार्टअप कंपनियों, आदि के लिए पूंजी की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय कंपनियों को अमेरिका में सूचीबद्ध करवाने के लिए नियम बनाने की बात कही है। 
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Startup - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत में मजबूत कानूनी ढांचे, मजबूत विश्वविद्यालयों व अन्य आदर्श परिस्थितियों ने बड़ी कंपनियों, इनोवेशन और तकनीकी विकास का जो शुरुआती चरण तैयार किया है, यह आगे भी जारी रहेगा। इसी का परिणाम है कि आज यहां 200 से ज्यादा बेहद बड़ी स्टार्टअप कंपनियां हैं, जो भविष्य में सूचीबद्ध हो सकती हैं। ऐसा दुनिया ने पहले कभी कहीं नहीं देखा होगा। इनके लिए नैस्डैक वैश्विक निवेश लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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नैस्डैक के उपाध्यक्ष एडवर्ड नाइट ने बुधवार को यह बयान देते हुए भारतीय कंपनियों को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने में रुचि दिखाई। नाइट ने कहा कि भारत को बढ़ती अर्थव्यवस्था में बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत, स्टार्टअप कंपनियों, आदि के लिए पूंजी की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय कंपनियों को अमेरिका में सूचीबद्ध करवाने के लिए नियम बनाने की बात कही है। उन्होंने इस्राइल का उदाहरण दिया कि वहां की सरकार के सहयोग से 100 से अधिक कंपनियां अमेरिका में सूचीबद्ध हैं और तेल अवीव एक्सचेंज में भी मौजूद हैं।

चीन में निवेश मुश्किल, भारत पर ध्यान
नाइट ने कहा कि चीन में निवेश ज्यादा मुश्किल हो चुका है। इस वजह से भारत पर ध्यान केंद्रित होना स्वाभाविक है। कहा, हमारी कंपनी और नैस्डैक में सूचीबद्ध अन्य कंपनियों में भी भारत से ज्यादा सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला बनाने व वहां ज्यादा निवेश करने में रुचि बढ़ी है।
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भारत-अमेरिका भी प्रयास कर रहे
भारत के केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी समक्ष जीना रायमोंडो में बातचीत पर नाइट ने कहा कि दोनों देशों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए यह बातचीत ऊर्जा से भरी रही है। दोनों मंत्री उद्यमिता प्रोत्साहन, सहयोग बेहतर बनाने और सरकारों व कारोबारी समुदायों द्वारा तेज वृद्धि करने वाली कंपनियों और को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं। दावा किया कि अमेरिका व भारत दोनों देशों के लिए अवसर बढ़ाने के बड़े प्रयास कर रहे हैं।

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