इसी क्रम में ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने भी कहा कि विक्रम लैंडर चंद्रमा पर अपने मिशन को साकार करने के लिए सिर्फ कुछ किलोमीटर की दूरी पर था। हम इसरो की पूरी टीम की उनके प्रयासों और अंतरिक्ष में अपनी यात्रा जारी रखने की प्रतिबद्धता कायम रखने के लिए सराहना करते हैं।
मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने इसरो की टीम और भारत सरकार को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा, 'मैं भारत सरकार और इसरो की टीम को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को उतारने की उनकी कोशिश के लिए बधाई देना चाहता हूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि इस बार सफल लैंडिंग नहीं हो पाई लेकिन दुनिया भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की ताकत को पहचान गई है। हम भविष्य में मॉरीशस और इसरो टीम के बीच सहयोगी प्रयासों के लिए तत्पर हैं।'
भूटान के प्रधानमंत्री लोटे टीशिंग ने भी भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान मिशन को लेकर शुभकामनाएं दी। पीएम लोटे टीशिंग ने चंद्रयान को लेकर कहा कि हमें आज भारत और उसके वैज्ञानिकों पर गर्व है। चंद्रयान-2 की लैंडिंग में आखिरी समय में कुछ चुनौतियां देखी गईं लेकिन जिस तरह इसरो के वैज्ञानिकों ने साहस और कड़ी मेहनत दिखाई है वह ऐतिहासिक है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भली-भांती जानता हूं। मुझे कोई संदेह नहीं है कि वह और उनकी इसरी टीम एक दिन इस मिशन को पूरा कर दिखाएगी।