एक ट्वीटर यूजर ने लिखा कि मजेदार बात यह है कि चंद्रयान-2 ने फवाद को पूरी रात जगाकर रखा है। इसके जवाब में एक और ट्वीटर यूजर ने लिखा कि विश्वास नहीं हो रहा है कि मंत्री चुपके चुपके मिशन देख रहे थे।
एक यूजर ने मंत्री फवाद के बेहूदे ट्वीट का बहुत शानदार जवाब दिया उसने लिखा कि प्रिय पाकिस्तान अगर यह आपके विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री की प्रतिक्रिया है, तो सोचें कि आप कहां खड़े हैं। बहुत सारे छोटे आदमी बेकार कार्यालयों पर कब्जा कर रहे हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि हर कोई आपसे दूरी बनाए हुए हैं।
वहीं एक पाकिस्तानी ट्वीटर यूजर ने मंत्री फवाद चौधरी को जवाब देते हुए लिखा कि हमारे लिए यह शर्मिंदगी की बात नहीं है। कम से कम भारत ने चंद्रमा पर उतरने की कोशिश की, जबकि हम इसके देखने पर लड़ते हैं। हमें किसी भी राष्ट्र के वैज्ञानिक प्रयास की सराहना करनी चाहिए और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
बता दें कि पाकिस्तान ने अपना अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम 1961 में शुरू किया था। इस कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान स्पेस एंड अपर एटमॉस्फ़ेयर रिसर्च कमिशन (सुपरको) की शुरुआत की गई जिसका आज भी नारा 'शांतिपूर्ण' मकसद के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इन सैटेलाइटों का उद्देश्य भू-विज्ञान, पर्यावरण, संचार और कृषि क्षेत्र में खोज करना है। विश्लेषकों का मानना है कि इन सैटेलाइटों को जानकारी इकट्ठा करने के अलावा फौजी उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन पाकिस्तान ने अभी तक अंतरिक्ष में न तो कोई हथियार भेजे हैं और न ही अंतरिक्ष में मार करने वाली कोई मिसाइल बनाई।