फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तानी मंत्री ने ट्वीट कर चंद्रयान-2 पर कसा तंज, यूजर्स ने लगाई जमकर लताड़

Sat, 07 Sep 2019 08:31 AM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
विज्ञापन
फवाद चौधरी - फोटो : Social Media
विज्ञापन

भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन को लेकर दुनिया भर की नजर इस पर बनी हुई है। वहीं, एक बार फिर पाकिस्तान ने दिखा दिया कि वह भारत से किस तरह चिढ़ता है। अभी कुछ दिनों पहले  तक जम्मू कश्मीर पर भारत को परमाणु युद्ध की गीदड़भभकी दे रहे पाकिस्तानी मंत्री को लंदन में घूसे पड़े थे।

विज्ञापन

 
वहीं, आज पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी ने चंद्रयान-2 को लेकर भारत पर तंज कसा, गौरतलब है कि लैंडर विक्रम का इसरो से संपर्क टूट गया है। लेकिन वैज्ञानिक दोबारा संपर्क साधने में जुटे हुए हैं।

इस पर पाकिस्तानी मंत्री ने ट्वीट किया कि 'जो काम आता नहीं हैं उससे पंगा नहीं लेते डियर इंडिया'। 
विज्ञापन

इसके बाद ट्वीटर यूजर्स ने उनकी जमकर क्लास लगाई। एक यूजर ने लिखा कि आने वाले 20-25 साल तक तो भारत और भारतीयों को पाकिस्तान को चंद्रमा पर पहुंचने में सफल होते देखना मुश्किल हैं, इसलिए पाकिस्तान को घबराना नहीं चाहिए बल्कि आराम से सोना चाहिए


फवाद चौधरी यह ट्वीट करते हुए भूल गए कि पाकिस्तान ने भारत से पहले ही अपनी अंतरिक्ष प्रोग्राम की शुरुआत कर ली थी, लेकिन आज भारत अंतरिक्ष की बुलंदियों पर है। वहीं, पाकिस्तान आज भी वही है। भारत ने जहां एक प्रयास में ही मंगल मिशन पर कामयाबी पाई। वहीं पाकिस्तान के लिए अभी मंगल के बारे में सोचना भी मुश्किल है।

फवाद चौधरी भारत के खिलाफ जहर उगलने में इस कदर व्यस्त थे कि उन्होंने ट्वीट करते हुए एक बड़ी गलती कर दी, अपने ट्वीट में उन्होंने इंडिया की स्पैलिंग आई(I) से लिखने की बजाय ई(E) से लिख दिया। जिसके बाद ट्वीटर यूजर्स ने उनको जमकर लताड़ा। किसी ने लिखा कि पहले खुद लिखना सीख लो इसके बाद अंतरिक्ष प्रोग्राम की बात करना। 
 

ट्वीटर यूजर की प्रतिक्रियाएं

एक ट्वीटर यूजर ने लिखा कि मजेदार बात यह है कि चंद्रयान-2 ने फवाद को पूरी रात जगाकर रखा है। इसके जवाब में एक और ट्वीटर यूजर ने लिखा कि विश्वास नहीं हो रहा है कि मंत्री चुपके चुपके मिशन देख रहे थे। 



एक यूजर ने मंत्री फवाद के बेहूदे ट्वीट का बहुत शानदार जवाब दिया उसने लिखा कि प्रिय पाकिस्तान अगर यह आपके विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री की प्रतिक्रिया है, तो सोचें कि आप कहां खड़े हैं। बहुत सारे छोटे आदमी बेकार कार्यालयों पर कब्जा कर रहे हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि हर कोई आपसे दूरी बनाए हुए हैं। 



वहीं एक पाकिस्तानी ट्वीटर यूजर ने मंत्री फवाद चौधरी को जवाब देते हुए लिखा कि हमारे लिए यह शर्मिंदगी की बात नहीं है। कम से कम भारत ने चंद्रमा पर उतरने की कोशिश की, जबकि हम इसके देखने पर लड़ते हैं। हमें किसी भी राष्ट्र के वैज्ञानिक प्रयास की सराहना करनी चाहिए और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।


 
विज्ञापन

पाकिस्तान का स्पेस प्रोग्राम

बता दें कि पाकिस्तान ने अपना अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम 1961 में शुरू किया था। इस कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान स्पेस एंड अपर एटमॉस्फ़ेयर रिसर्च कमिशन (सुपरको) की शुरुआत की गई जिसका आज भी नारा 'शांतिपूर्ण' मकसद के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान है।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इन सैटेलाइटों का उद्देश्य भू-विज्ञान, पर्यावरण, संचार और कृषि क्षेत्र में खोज करना है। विश्लेषकों का मानना है कि इन सैटेलाइटों को जानकारी इकट्ठा करने के अलावा फौजी उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन पाकिस्तान ने अभी तक अंतरिक्ष में न तो कोई हथियार भेजे हैं और न ही अंतरिक्ष में मार करने वाली कोई मिसाइल बनाई।     
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें