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निचले सदन की स्पीकर बनीं ट्रंप विरोधी नैंसी, खारिज किया महाभियोग का दबाव

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sat, 05 Jan 2019 09:23 AM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए वर्ष 2019 की शुरूआत बहुत अच्छी नहीं रही। उनके नेतृत्व में रिपब्लिकन पार्टी के निचले सदन 'प्रतिनिधि सभा' में बहुमत खोने के बाद स्पीकर नैंसी पेलोसी ने उस दबाव को खारिज कर दिया जो उन पर उनकी डेमोक्रेट पार्टी द्वारा राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए बनाया जा रहा था। पेलोसी भारत-अमेरिकी रिश्तों की पक्षधर हैं।

ट्रंप की राजनीतिक धुर विरोधी नैंसी पेलोसी ने इस तरह से महाभियोग लाने को विभाजनकारी गतिविधि बताया। उन्होंने कहा, 'हमें किसी के खिलाफ महाभियोग राजनीतिक कारणों से नहीं चलाना चाहिए और न ही किसी के खिलाफ महाभियोग चलाए जाने को राजनीतिक कारणों से रोकना चाहिए।' पेलोसी का कहना है कि वह 2016 के चुनावों में रूसी दखल के संबंध में विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मुलर की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं। उनका कहना है कि सिर्फ सदन ही महाभियोग पर निर्णय ले सकता है। बुधवार को स्पीकर का पद संभालते हुए पेलोसी ने कहा, 'हम बहुत आशा के साथ नई कांग्रेस में प्रवेश कर रहे हैं।'



इस बीच प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के बाद पहले ही दिन डेमोक्रेट पार्टी ने शटडाउन खत्म करने के लिए एक योजना पारित की। इसमें अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण की राष्ट्रपति ट्रंप की मांग को दरकिनार किया गया। गुरुवार रात पार्टी लाइन पर मतदान हुआ। इससे पहले ट्रंप अचानक व्हाइट हाउस के ब्रीफिंग कक्ष में आए और उन्होंने प्रण किया कि चुनावी अभियान के दौरान किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए वह संघर्ष करते रहेंगे। सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि वे दीवार के लिए धन नहीं देंगी। जबकि ट्रंप दीवार निर्माण के लिए राशि मिलने तक शटडाउन पर अड़े रहे।  

ट्रंप के दीवार निर्माण के खिलाफ हैं नैंसी

उनकी जीत ऐसे वक्त में हुई है जब राष्ट्रपति ट्रंप के मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने को लेकर फंड की मांग पर अमेरिका में शटडाउन के हालात हैं। 78 वर्षीय नैंसी पेलोसी ट्रंप के दीवार बनाने के खिलाफ हैं। नैंसी अब न सिर्फ स्पीकर हैं बल्कि संसद में विपक्ष का नेतृत्व भी करेंगी। ऐसे में ट्रंप के मैक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण के सपने पर पानी फिर सकता है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए वर्ष 2019 की शुरूआत बहुत अच्छी नहीं रही। उनके नेतृत्व में रिपब्लिकन पार्टी के निचले सदन 'प्रतिनिधि सभा' में बहुमत खोने के बाद स्पीकर नैंसी पेलोसी ने उस दबाव को खारिज कर दिया जो उन पर उनकी डेमोक्रेट पार्टी द्वारा राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए बनाया जा रहा था। पेलोसी भारत-अमेरिकी रिश्तों की पक्षधर हैं।

ट्रंप की राजनीतिक धुर विरोधी नैंसी पेलोसी ने इस तरह से महाभियोग लाने को विभाजनकारी गतिविधि बताया। उन्होंने कहा, 'हमें किसी के खिलाफ महाभियोग राजनीतिक कारणों से नहीं चलाना चाहिए और न ही किसी के खिलाफ महाभियोग चलाए जाने को राजनीतिक कारणों से रोकना चाहिए।' पेलोसी का कहना है कि वह 2016 के चुनावों में रूसी दखल के संबंध में विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मुलर की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं। उनका कहना है कि सिर्फ सदन ही महाभियोग पर निर्णय ले सकता है। बुधवार को स्पीकर का पद संभालते हुए पेलोसी ने कहा, 'हम बहुत आशा के साथ नई कांग्रेस में प्रवेश कर रहे हैं।'

इस बीच प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के बाद पहले ही दिन डेमोक्रेट पार्टी ने शटडाउन खत्म करने के लिए एक योजना पारित की। इसमें अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण की राष्ट्रपति ट्रंप की मांग को दरकिनार किया गया। गुरुवार रात पार्टी लाइन पर मतदान हुआ। इससे पहले ट्रंप अचानक व्हाइट हाउस के ब्रीफिंग कक्ष में आए और उन्होंने प्रण किया कि चुनावी अभियान के दौरान किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए वह संघर्ष करते रहेंगे। सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि वे दीवार के लिए धन नहीं देंगी। जबकि ट्रंप दीवार निर्माण के लिए राशि मिलने तक शटडाउन पर अड़े रहे।  

ट्रंप के दीवार निर्माण के खिलाफ हैं नैंसी

उनकी जीत ऐसे वक्त में हुई है जब राष्ट्रपति ट्रंप के मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने को लेकर फंड की मांग पर अमेरिका में शटडाउन के हालात हैं। 78 वर्षीय नैंसी पेलोसी ट्रंप के दीवार बनाने के खिलाफ हैं। नैंसी अब न सिर्फ स्पीकर हैं बल्कि संसद में विपक्ष का नेतृत्व भी करेंगी। ऐसे में ट्रंप के मैक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण के सपने पर पानी फिर सकता है।

अमेरिका की सबसे ताकतवर महिला

नैंसी पेलोसी - फोटो : social media
इस पद पर पहुंचने के साथ नैंसी अमेरिका की सबसे शक्तिशाली महिला बन गई हैं। वे अब राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति के बाद अमेरिका की तीसरी सबसे ताकतवर हस्ती भी बन गई हैं। उन्हें अमेरिकी संविधान में इस पद की व्याख्या चैंबर के नेता के तौर पर चुना गया है इस कारण जरूरत पड़ने पर वह उपराष्ट्रपति के बाद स्पीकर राष्ट्रपति की जगह भी ले सकती हैं। वह पार्टी बहस के नियम भी तय करेंगी। 

स्पीकर के पास हैं कई शक्तियां

स्पीकर नैंसी पेलोसी इस पद पर दोबारा पहुंचने वाली पहली महिला हैं। उनके पास ऐसे में बहुत सी शक्तियां आ गई हैं। आपात स्थिति में उपराष्ट्रपति के बाद स्पीकर को राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। जो भी पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेती है, उसका विधीयी एजेंडे पर नियंत्रण भी स्थापित हो जाता है। बहस के नियम भी वही पार्टी तय करती है। 

नैंसी का कहना है कि वह राजनीतिक कारणों की वजह से ट्रंप के खिलाफ महाभियोग नहीं लाना चाहतीं। इससे पहले वह ओबामा सरकार की हेल्थ स्कीम 'अफोर्डेबल केयर' को मंजूरी दिलाने के लिए भी लंबी लडा़ई लड़ चुकी हैं।

हिजाब पहनकर प्रतिनिधि सभा में कुरान की शपथ ली

सोमाली अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने डेमोक्रेट्स पार्टी के टिकट से मिनेसोटा से चुनाव लड़ा और विजयी रहीं। वह 23 साल पहले केन्या के एक रिफ्यूजी कैंप से वाशिंगटन आई थीं। वह ऐसी पहली महिला सांसद हैं जिन्होंने कुरान की शपथ ली। इल्हान हिजाब पहनकर सभा में पहुंचीं। वह अमेरिकी इतिहास में ऐसा करने वाली पहली महिला हैं। बता दें मध्याविधि चुनाव में पहली बार दो मुस्लिम उम्मीदवारों इल्हान उमर और राशिदा तालिब ने जीत हासिल की है।
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