अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए वर्ष 2019 की शुरूआत बहुत अच्छी नहीं रही। उनके नेतृत्व में रिपब्लिकन पार्टी के निचले सदन 'प्रतिनिधि सभा' में बहुमत खोने के बाद स्पीकर नैंसी पेलोसी ने उस दबाव को खारिज कर दिया जो उन पर उनकी डेमोक्रेट पार्टी द्वारा राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए बनाया जा रहा था। पेलोसी भारत-अमेरिकी रिश्तों की पक्षधर हैं।
ट्रंप की राजनीतिक धुर विरोधी नैंसी पेलोसी ने इस तरह से महाभियोग लाने को विभाजनकारी गतिविधि बताया। उन्होंने कहा, 'हमें किसी के खिलाफ महाभियोग राजनीतिक कारणों से नहीं चलाना चाहिए और न ही किसी के खिलाफ महाभियोग चलाए जाने को राजनीतिक कारणों से रोकना चाहिए।' पेलोसी का कहना है कि वह 2016 के चुनावों में रूसी दखल के संबंध में विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मुलर की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं। उनका कहना है कि सिर्फ सदन ही महाभियोग पर निर्णय ले सकता है। बुधवार को स्पीकर का पद संभालते हुए पेलोसी ने कहा, 'हम बहुत आशा के साथ नई कांग्रेस में प्रवेश कर रहे हैं।'