इस्राइल में सत्ता परिवर्तन की संभावना के बीच राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने विपक्षी नेता और याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइजेनकोट को नई सरकार बनाने का पहला मौका दिया है। इस जिम्मेदारी के बाद आइजेनकोट ने कहा कि अब देश में राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का समय आ गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि उनकी पार्टी जनता की उम्मीदों पर खरी उतरे।
आइजेनकोट ने क्या कहा?
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से सरकार बनाने की जिम्मेदारी मिलने के बाद याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइजेनकोट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अब राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का समय आ गया है। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा कि हम इस जिम्मेदारी के योग्य साबित हों।'
नेतन्याहू बोले- देश की सुरक्षा के लिए सभी दल आएं साथ
इजरायल में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को देश के नाम संबोधन में सभी यहूदी और राष्ट्रवादी दलों से मिलकर राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए सभी राजनीतिक दलों का एक साथ आना जरूरी है।
ईरान के परमाणु खतरे का दिया हवाला
नेतन्याहू ने कहा कि नई राष्ट्रीय एकता सरकार का मकसद ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करना, इजरायल को यहूदी राष्ट्र बनाए रखना और देश के भीतर एकता कायम करना होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मौजूदा हालात में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देनी होगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव के बाद उनकी पार्टी संसद में बहुमत खो चुकी है।
विपक्ष ने नेतन्याहू का प्रस्ताव ठुकराया
नेतन्याहू की अपील पर विपक्ष ने तुरंत विरोध जताया। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख यायर गोलान ने कहा कि नेतन्याहू सरकार को हटाकर देश में नई सरकार बनाई जानी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इजरायल के लोकतंत्र, सुरक्षा और भविष्य को बचाने के लिए बदलाव जरूरी है। गोलान ने इसे 'बचाव और बदलाव की सरकार' बनाने का समय बताया।
अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय को लेकर रखी शर्त
गोलान ने कहा कि अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय के साथ राजनीतिक साझेदारी हो सकती है, लेकिन इसके लिए सभी को बराबर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने मांग की कि इस समुदाय के युवाओं को भी सेना में भर्ती किया जाए। साथ ही उन्हें रोजगार से जोड़ने और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने पर जोर दिया। गोलान के मुताबिक, देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था का बोझ केवल मध्यम वर्ग और
धर्मनिरपेक्ष लोगों पर नहीं डाला जा सकता।
धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुधार पर जोर
गोलान ने यह भी कहा कि गैर-धार्मिक इलाकों में शनिवार यानी शब्बात के दिन सार्वजनिक परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों की आजादी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि नई सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को बिना शर्त समर्थन नहीं दिया जाएगा। गठबंधन में शामिल होने वाले दलों को जरूरी बदलावों के लिए तैयार रहना होगा।
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गादी आइजेनकोट के समर्थन में विपक्षी दल एकजुट
इस बीच इजरायल के विपक्षी दलों ने 'चेंज एंड रिपेयर' गठबंधन के तहत याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइजेनकोट को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया है। सभी दलों ने राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के सामने उनके नाम की सिफारिश करने पर सहमति जताई है। विपक्ष का मकसद देश की 38वीं सरकार का गठन कर सत्ता में जल्द बदलाव लाना है। अब देखना होगा कि आइजेनकोट अलग-अलग विचारधारा वाले दलों को साथ लाकर बहुमत जुटा पाते हैं या नहीं।