इस्राइल गुप्तचर एजेंसी मोसाद के पूर्व प्रमुख योसी कोहेन ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के नतांज स्थित भूमिगत परमाणु संयंत्रों पर हुए हमले और वैज्ञानिकों को निशाना बनाए जाने के पीछे मोसाद का हाथ था। मोसाद को लेकर कोहेन ने कई खुलासे किए हैं।
हाल ही में कोहेन की जगह डेविड बार्निया को इस्राइली गुप्तचर एजेंसी का प्रमुख बनाया गया है। गुरुवार रात इस्राइली टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कोहेन ने कई अहम बातें कही हैं। उनकी बातें ईरान व इस्राइल के बीच तनाव बढ़ा सकती हैं।
मोसाद के पूर्व प्रमुख योसी कोहेन ने ईरान के वैज्ञानिकों को चेतावनी दी है कि यदि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम का हिस्सा बने रहे तो उनकी जान खतरे में है। कोहेन ने यह बातें ऐसे वक्त की है, जब वियना में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को बहाल करने के लिए वार्ता चल रही है।
हालांकि कोहेन ने सीधे ईरान में हमले के पीछे मोसाद का हाथ होने का सीधा दावा नहीं लेकिन कुछ ऐसी बातें कहीं, जिनसे संकेत मिलता है कि इनमें पीछे यही गुप्तचर एजेंसी थी। उनसे पूछा गया था कि यदि उन्हें ईरानी संयंत्र में जाने जाने का अवसर मिले तो वह कहां जाएंगे? इस पर उन्होंने कहा कि 'सेलार में जहां संयंत्र का मुख्य हिस्सा था। लेकिन अब वह जगह वैसी नहीं दिखती जैसी दिखा करती थी।
ईरान को भनक तक नहीं लगी
कोहेन से चर्चा करने वाली पत्रकार इलान दयान ने भी उनसे चर्चा के आधार पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि संयंत्र में लगाए जाने वाले पत्थरों में कैसे पहले से ही विस्फोटक फिट कर दिए गए थे, जिनकी ईरान को भनक नहीं लगी।
ईरान ने भी इस्राइल को ही जिम्मेदार बताया था
नतांज परमाणु संयंत्र में जुलाई 2020 में हुए रहस्यमयी धमाके के लिए ईरान ने इस्राइल को ही जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद 11 अप्रैल 2021 को भी फिर इसी संयंत्र में हमला हुआ था। इसे लेकर ईरान ने कहा था कि संयंत्र की मशीनें बर्बाद हो गई हैं। ईरान ने इसे 'परमाणु आतंकवाद' बताते हुए इस्राइल को ही जिम्मेदार बताया था।