विदेश राज्य मंत्री ने राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से भी की मुलाकात
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बढ़ती द्विपक्षीय साझेदारी के 'विविध पहलुओं पर चर्चा की। मुरलीधरन ने श्रीलंका के 4वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी विक्रमसिंघे को बधाई दी।
मुरलीधरन ने ट्वीट किया, 'श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात कर खुशी हुई। श्रीलंका के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, बढ़ती द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
भारतीय प्रवासियों से मिले विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन
मुरलीधरन ने श्रीलंका में भारतीय प्रवासियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनकी भूमिका आज और भी महत्वपूर्ण है जब श्रीलंका आर्थिक सुधार के रास्ते पर है।भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) में सिंधी, बोरा, गुजराती, मेमन, पारसी, मलयाली और तेलुगु भाषी शामिल हैं जो श्रीलंका में बस गए हैं (उनमें से अधिकांश विभाजन के बाद) और विभिन्न व्यावसायिक उद्यमों में लगे हुए हैं।
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, अनौपचारिक आंकड़ों में यह अनुमान लगाया गया है कि लगभग 14,000 भारतीय प्रवासी श्रीलंका में रह रहे हैं। मुरलीधरन ने कोलंबो के पवित्र गंगारामय मंदिर में बुद्ध से प्रार्थना भी की।
13वें संशोधन पर राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से बातचीत
विदेश राज्य मंत्री ने राष्ट्रपति विक्रमसिंघे के साथ महत्वपूर्ण 13वें संशोधन पर बातचीत की और देश में अल्पसंख्यक तमिलों को राजनीतिक स्वायत्तता प्रदान करने वाले कानून की सफलता की इच्छा व्यक्त की। एक आधिकारिक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई।
शनिवार को श्रीलंका की आजादी की 75वीं वर्षगांठ में शामिल हुए मुरलीधरन को उसी शाम विक्रमसिंघे के साथ बैठक के दौरान 13वें संशोधन के क्रियान्वयन की देश की स्थिति से भी अवगत कराया गया था।
बयान में कहा गया, 'राष्ट्रपति विक्रमसिंघे और भारत के मंत्री वी मुरलीधरन ने बीच कल हुई बातचीत के दौरान 13वें संशोधन को लागू करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। वार्ता श्रीलंका में 13 ए और जातीय सुलह पर केंद्रित थी और भारतीय मंत्री ने इसकी सफलता की इच्छा व्यक्त की थी।
13ए में श्रीलंका में तमिल समुदाय को सत्ता के हस्तांतरण का प्रावधान है। भारत श्रीलंका पर 13 एक को लागू करने का दबाव बना रहा है, जिसे 1987 के भारत-श्रीलंका के समझौते के बाद लाया गया था।