ईटीपीबी ने बताया कि गोल्डन पालकी को टैक्स के दायरे से बाहर रखने के लिए पाक फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू से मांग की गई है। साथ ही सिख श्रद्धालुओं के आवास एवं मेडिकल और ट्रांसपोर्टेशन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
इस बीच गुरुवार को भारत-पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर के लिए परिचालन संबंधी समझौते पर दस्तखत किए हैं। हालांकि, पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के सेवा शुल्क का मुद्दा अब तक नहीं सुलझ सका है। इस समझौते से गुरु नानक की 550वीं जयंती के पहले कॉरिडोर के उद्घाटन का मार्ग प्रशस्त होगा।
इसके साथ बॉर्डर से साढ़े चार किलोमीटर दूर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवल जिले में स्थित गुरुद्वारा साहिब तक सिख श्रद्धालु जा सकेंगे।
सुरक्षा चाक-चौबंद
आजादी मार्च से श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई सेंध ने लगे, इसके लिए 700 पुलिस कर्मचारियों, चार जिला पुलिस अधीक्षकों, छह निरीक्षकों, 11 उप निरीक्षकों, 23 सहायक उप निरीक्षकों, 33 हेड कांस्टेबल सहित 506 कांस्टेबल, 40 महिला कांस्टेबल और कई सादी वर्दी अधिकारी श्रद्धालुओं के साथ-साथ हैं।