मौलाना फजल-उर-रहमान को मौलाना डीजल के नाम से भी जाना जाता है
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हिंसा की आशंका को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। माना जा रहा है कि मौलाना और उनके समर्थक अति संवेदनशील माने जाने वाले जीरो प्वाइंट की ओर बढ़ सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त 5 हजार जवानों को तैनात किया गया है। डीआईजी और आईजी रैंक अधिकारियों ने रविवार को राजधानी की सुरक्षा का जायजा लिया।
प्रधानमंत्री इमरान ने गृह मंत्रालय को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार के बड़बोले मंत्री फवाद चौधरी ने मौलाना के विरोध मार्च को असफल करार दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मौलाना के ‘हलवा मार्च’ की विफलता पाकिस्तान की जीत है। यह देश के भविष्य की जीत है।’
इस बीच, पंजाब प्रांत के विधानसभा स्पीकर चौधरी परवेज इलाही ने विरोध मार्च की अगुआई कर रहे जेयूआई-एफ प्रमुख से संपर्क किया और उन्हें बातचीत का प्रस्ताव दिया। इलाही ने कहा कि वे सौहार्दपूर्ण और बातचीत के जरिए इस मुद्दे का हल चाहते हैं। मौलाना ने कहा कि वह पार्टी सदस्यों से चर्चा के बाद ही स्पीकर के प्रस्ताव पर कोई फैसला करेंगे।