कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)
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विश्व में जहां संक्रमण से 10.55 से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके है। वहीं 22.96 लाख से ज्यादा लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है। इस बीच, अमेरिका में हालात सबसे खराब हैं। यहां दो सप्ताह में संक्रमण से करीब 40,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। जबकि इस दौरान हर दिन औसतन 3,000 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी एक वजह लोगों को फिर लापरवाह हो जाना और एक जगह पर जुटना है। हालांकि, देश में संक्रमण की दर कम हुई है। लेकिन हालात को देखते हुए सुपरबाउल मुकाबलों पर कुछ शहरों में रोक लगाने पर भी विचार हो रहा है। जबकि टीकाकरण की रफ्तार अगले सप्ताह से और तेज की जाने की योजना बनाई गई है।
अमेरिका के बाद ब्राजील में भी हालात काफी गंभीर हैं। यहां पिछले 24 घंटों में 1,232 लोगों की मौत के साथ अब तक 2.28 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि संक्रमितों की संख्या 93,96 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।
चीन की लैब से वायरस बनने को सुबूत नहीं : डब्ल्यूएचओ
कोरोना वायरस फैलने के मूल स्थान की जांच करने में लगी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम फिलहाल चीन के सहयोग से संतुष्ट है। उसे वायरस की प्रयोगशाला में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है जो यहां से इस वायरस के दुनिया में फैलने की पुष्टि कर सके।
टीम के एक सदस्य ने कहा है कि गहनता से जांच करने के लिए चमगादड़ों के स्थानों पर भी जांच करना जरूरी है। टीम के एक सदस्य और जंतु विज्ञानी पीटर दस्जक ने ट्वीट किया कि वुहान के वायरोलॉजी संस्थान के उपनिदेशक शी झेंगली से कोविड-19 के साथ ही 2003 में फैले सार्स के मूल स्थान के बारे में भी जानकारी ली गई है।