नीदरलैंड में रूसी दूतावास के बाहर रविवार को सफेद खाली कुसियों की कतार बिछाकर मूक तरीके से विरोध जताया गया। यह प्रदर्शन उन लोगों के परिजनों ने किया, जो जुलाई, 2014 में मास्को समर्थित विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी यूक्रेन में रूसी मिसाइल का शिकार हुए मलेशियाई नागरिक विमान एमएच-17 में मारे गए थे। इस हादसे में विमान में सवार सभी 298 लोग मारे गए थे, जिनमें 196 डच नागरिक थे।
मृतकों के परिजनों ने इस प्रदर्शन का आयोजन इस घटना में संलिप्ता के लिए हत्या के दोषी माने गए चार आरोपियों (अभी तक पकड़े नहीं गए) के ऊपर मुकदमा शुरू होने की पूर्व संध्या पर किया था। उन्होंने रूसी दूतावास के बाहर दो मिनट का मौन धारणण् किया।
कुछ कुर्सियों पर सफेद फूल भी रखे थे और ‘सच, पूरा सच और सत्य के सिवाय कुछ नहीं है’ जैसे नारे लिखे कुछ बैनर भी खड़े कर रखे थे। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं ने इस हादसे के लिए विद्रोहियों को यूक्रेनी सेना के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए मास्को से मिली मिसाइल को जिम्मेदार माना था।
नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने इस घटना के लिए रूस को ही राजनीतिक जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन रूस ने अपना हाथ होने से इनकार कर दिया था। पिछले सप्ताह रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के प्रवक्ता ने कहा था कि क्रेमलिन इस मुकदमे का परिणाम सामने आने का इंतजार करेगा। हालांकि उन्होंने डच नेतृत्व वाली जांच पर शक भी जताया था।