प्रवासियों की समस्याएं और संघर्ष
क्यूबा से आए लोसिएल सांचेज और उनकी पत्नी नवंबर में टापाचुला पहुंचे थे। उनका सपना था कि अमेरिका जाने के लिए CBP One ऐप से अपॉइंटमेंट मिल जाए, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस प्रोग्राम को खत्म किए जाने से उनका प्लान अधूरा रह गया। अब उन्होंने मैक्सिको में ही शरण लेने का फैसला किया है, लेकिन कई बार अप्लाई करने के बाद भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
सांचेज बताते हैं कि उन्हें एक फर्जी वकील ने धोखा दिया, जिसने पैसे लेकर मदद का वादा किया था। अब वे किराया और खर्च भी मुश्किल से उठा पा रहे हैं।
इसी तरह, एक अन्य क्यूबाई प्रवासी एनेरी सोसा भी पिछले एक साल से टापाचुला में रह रही हैं। उनके दस्तावेज चोरी हो गए, जिससे उनका शरण आवेदन अधर में लटक गया। वह अपनी बेटी के लिए देखभाल करने वाला व्यक्ति ढूंढ रही हैं ताकि वह काम कर सकें।
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बिना नेता के हुआ आयोजन
इस विरोध प्रदर्शन को किसी नेता ने नहीं बल्कि सोशल प्लेटफॉर्म्स पर जुड़े प्रवासियों ने मिलकर आयोजित किया है। पहले भी ऐसे कारवां निकल चुके हैं और कई बार मैक्सिकन अधिकारी प्रवासियों को कुछ दिनों तक चलने देते हैं, फिर उन्हें डॉक्यूमेंट्स और कभी-कभी ट्रांसपोर्ट की सुविधा देकर आगे बढ़ाते हैं।