केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कनाडा के अलग-अलग शहरों से लगातार खालिस्तानी आतंकी और चरमपंथी पाकिस्तान के संपर्क में हैं। इसका खुलासा नवंबर के आखिरी सप्ताह में आयोजित तथाकथित बुद्धिजीवियों के आयोजन के नाम पर सोशल मीडिया एक्स पर बुलाई गई स्पेस की बैठक में हुआ। जानकारी के मुताबिक खालिस्तान के नाम पर कनाडा के युवाओं को गुमराह करने वाले खालिस्तानी लिबरेशन फोर्स से जुड़े प्रभजीत सिंह ने बाकायदा पाकिस्तान के इस्लामाबाद से जुड़े आईएसआई के एक एजेंट से खुलकर बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक इस बातचीत के दौरान प्रभजीत ने देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले खालिस्तानी आतंकियों की मौत पर आईएसआई से सहयोग मांगा। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े जानकार बताते हैं कि इस पूरी बातचीत में आईएसआई की ओर से दी जाने वाली लगातार मदद का न सिर्फ भरोसा दिया बल्कि कुछ हिदायतें देकर माहौल को शांत होने तक चुप रहने की राय भी दी गई।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि आईएसआई के इशारे पर कनाडा के अलग-अलग शहरों में खालिस्तानियों को लगातार शह दी जा रही है। पिछले महीने के आखिरी सप्ताह में आयोजित किए गए इस स्पेस चर्चा में प्रभजीत सिंह ने कनाडा के ओटावा में स्थित एक प्रमुख रेस्टोरेंट चेन में आईएसआई एजेंट के साथ होने वाली लगातार बैठकों का भी जिक्र किया। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस पूरी बातचीत में आईएसआई का एजेंट लगातार प्रभजीत को इस मामले में और ज्यादा काम न बढ़ाने की हिदायत देता रहा। सूत्रों का कहना है कि खालिस्तान आतंकियों की एक पूरी विंग आईएसआई के दिशा निर्देशों पर न सिर्फ काम करती है बल्कि दोनों एक दूसरे की आतंकवाद को बढ़ाने में मदद करते हैं। खालिस्तानी आतंकियों की ओर से आयोजित किए जाने वाले स्पेस चर्चा में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से लगातार खालिस्तानी आतंकी को अंडरग्राउंड होने की बात कही जा रही थी।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ओटावा में सक्रिय खालिस्तान लिबरेशन फोर्स से जुड़े प्रभजीत सिंह कनाडा समेत अलग-अलग देश में हो रहे आतंकियों की हत्याओं से बौखलाया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह हत्याएं लगातार सिख संगठनों की आपसी तकरार के चलते हो रही है। जिसमें आईएसआई और खालिस्तान के आतंकी भी एक दूसरे के मददगार साबित हो रहे हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस सोशल मीडिया की पंचायत में जिस तरीके से आतंकी प्रभजीत ने आईएसआई से मदद की गुहार की। उसमें लगातार आईएसआई के एजेंट की ओर से काम न बढ़ाए जाने की भी बात कही जाती रही। इस दौरान प्रभजीत ने निज्झर की हत्या से लेकर पाकिस्तान में हुई आतंकी पंजवड़ की हत्या समेत अलग-अलग आतंकियों की हो रही हत्याओं पर आगे की रणनीति बनाने के लिए आईएसआई से मदद की गुहार लगाई।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से ताल्लुक रखने वाले सूत्रों का कहना है इस बैठक के बाद आईएसआई और खालिस्तानी आतंकियों की आपसी गठजोड़ का एकबार फिर खुलासा हो चुका है। विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि कनाडा में जिस तरीके से खालिस्तानी आतंकी मिलकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं वह अब छुपा नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के खिलाफ रची जाने वाली साजिशों का भी केंद्रीय खुफिया एजेंसी लगातार पर्दाफाश करती रहती हैं। हाल में आयोजित हुई इस गुपचुप बातचीत के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसी लगातार खालिस्तानी आतंकियों की एक-एक गतिविधि पर नजर रख रही है।