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Maldives: 10 मार्च से पहले भारत लौटेंगे सैन्यकर्मी, राष्ट्रपति मुइज्जू बोले- देश की संप्रभुता से समझौता नही

Mon, 05 Feb 2024 01:40 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, माले

सार

17 नवंबर को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ही मुइज्जू ने भारत से 15 मार्च तक अपने 88 सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने की अपील की थी। अन्य देशों के साथ राष्ट्रपति मुइज्जू की कूटनीतिक चर्चाएं भी जारी है।
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्म मुइज्जू - फोटो : एक्स/डॉ. मोहम्मद मुइज्जू
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विस्तार
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोमवार को बताया कि 10 मार्च से पहले भारतीय सैन्यकर्मियों के पहले समूह को भारत वापस भेज दिया जाएगा। वहीं दो विमानन प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे शेष भारतीयों को 10 मई तक वापस भेजा जाएगा। 
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संसद में अपने संबोधन के दौरान मुइज्जू ने कहा कि उनका मानना है कि मालदीव के अधिकांश लोग इस उम्मीद के साथ उनकी सरकार का समर्थन करते हैं कि वे देश से विदेशी सैनिकों को हटा देंगे। इसके साथ ही उनका लक्ष्य खोए हुए समुद्री क्षेत्र को वापस पाना है। 

संप्रभुता से समझौता नहीं: मुइज्जू 
मुइज्जू ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे किसी भी राज्य समझौते की अनुमति नहीं देता है, जो देश की संप्रभुता से समझौता करें। 17 नवंबर को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ही मुइज्जू ने भारत से 15 मार्च तक अपने 88 सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने की अपील की थी। अन्य देशों के साथ राष्ट्रपति मुइज्जू की कूटनीतिक चर्चाएं भी जारी है।
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मुइज्जू ने कहा, हमने भारत से सैन्यकर्मियों को मालदीव से वापस बुलाने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'हाल ही में हुए चर्चाओं के अनुसार, तीन विमानन प्लेटफॉर्मों में से एक से भारतीय सैन्यकर्मियों को 10 मार्च से पहले वापस बुलाने के लिए कहा गया है। बाकी के दो प्लेटफॉर्म से भी 10 मार्च तक वापस बुला लिया जाएगा।' 

भारतीय सैन्यकर्मी मानवीय मिशनों का रह चुके हैं हिस्सा
मालदीव के साथ द्विपक्षीय वार्ता में भारत ने दो फरवरी को कहा था कि द्वीप राष्ट्र में भारतीय विमानन प्लेटफॉर्म के संचालन को जारी रखने के लिए मालदीव के साथ समाधानों पर सहमति व्यक्त की गई है। वर्तमान में, भारतीय सैन्यकर्मी दो हेलीकॉप्टर और एक विमान संचालित करने के लिए मालदीव में हैं। ये सैन्यकर्मी सैकड़ों चिकित्सा निकासी और मानवीय मिशनों का हिस्सा रह चुके हैं।

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से भारत की तरफ से मालदीव के लोगों को मानवीय और चिकित्सा निकासी सेवाएं प्रदान की गई है। राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि उनका प्रशासन ऐसा कुछ नहीं करने वाला है जिससे देश की संप्रभुता से समझौता करना पड़े। उन्होंने आगे कहा कि अगर इससे देश की संप्रभुता को खतरा होता है तो वह किसी भी बाहरी दवाब के सामने नहीं झुकेंगे।
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