मालदीव भारत से उपहार में मिले डोर्नियर विमान और दो हेलिकॉप्टरों का उपयोग फिर से करने लगा है। मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) ने स्थानीय मीडिया को बताया कि डोर्नियर विमान और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल चिकित्सा निकासी (मेडिकल इवेकुएशन) के रूप में किया जा रहा है। इनका संचालन इस बार भारत से भेजे गए नागरिक दल कर रहे हैं। इस बीच, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने नागरिक विमानन कर्मियों के साथ चिकित्सा निकासी सेवाओं को फिर से शुरू करने में सक्षम बनाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया है।
एमएनडीएफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बीते शुक्रवार को हमने दो चिकित्सा आपात स्थितियों में भारत से मिले हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया। आगे भी हम जरूरत पड़ने पर इसका संचालन करेंगे। डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टरं को पहले भारतीय सैन्य कर्मी संचालित करते थे। पिछले नवंबर में राष्ट्रपति मुइज्जतू के शपथ लेने के तुरंत बाद इस पर रोक लगा दी गई थी। राष्ट्र मुइज्जू 'इंडिया आउट' के नारे के साथ सत्ता में आए और अपने शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने भारत से अनुरोध किया कि वह अपने सैन्य कर्मियों को वापस बुला ले।
भारत और मालदीव के बीच इस साल फरवरी में हुए समझौते के मुताबिक भारतीय सेना के सभी कर्मियों को 10 मई तक अलग-अलग समूहों में वतन लौटना था। भारत ने अपना वादा भी निभाया। सैन्यकर्मियों की जगह आम नागरिकों ने ली, क्योंकि भारत ने डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टर वापस नहीं लिए थे, जो कुछ साल पहले मालदीव को उपहार में दिए गए थे।
भारत ने 5 करोड़ डॉलर के ऋण भुगतान की समय सीमा दो वर्ष के लिए बढ़ाई
शनिवार को माले में मालदीव की स्वतंत्रता की 59वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति ने 'ऋण पुनर्गठन और ऋण प्रबंधन' की बात की। राष्ट्रपति ने मालदीव के ऋण चुकौती प्रयासों में सहायता करने में भारत के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने कहा भारत ने 5 करोड़ डॉलर (करीब 418 करोड़ रुपये) का ऋण भुगतान की समय सीमा दो वर्ष बढ़ा दिया है। साथ ही दो और वर्षों के लिए खाद्य कोटा प्रदान किया है। इसके लिए हम भारत के आभारी हैं।