मालदीव में विपक्षी दल चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं। इसको लेकर देश के इस्लामिक मामलों के मंत्री मोहम्मद शहीम अली सईद ने कहा कि उनकी सरकार विपक्ष को ऐसा करने की इजाजत नहीं देगी। सईद ने विपक्ष पर चुनी हुई सरकार को अवैध रूप से गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
मुइज्जू और सईद ने रविवार को आबादी के लिहाज से मालदीव के दूसरे सबसे बड़े शहरी क्षेत्र अड्डू का दौरा किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान सईद ने आरोप लगाया कि मुइज्जू सरकार को देश के भीतर और बाहर से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के खिलाफ लगातार गलत सूचनाएं और बेबुनियाद अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाबदेह ठहराना विपक्ष की जिम्मेदारी है। लेकिन लोगों द्वारा चुनी गई सरकार के लिए बाधाएं पैदा करना और उसे गिराने की कोशिश करना अनुचित है। विपक्ष के ऐसे प्रयासों से देश के लोगों को ही नुकसान उठाना पड़ता है।
विपक्ष ने विरोध को खेल में बदल दिया...
मुइज्जू सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने विरोध को एक खेल में बदल दिया है। चिंता की बात यह है कि अब वे उस स्तर पर पहुंच गए हैं कि देश के लोगों द्वारा चुने गए राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने पर चर्चा कर रहे हैं। सईद ने जोर देकर कहा है कि विपक्ष अपने इस मकसद में कभी कामयाब नहीं होगा। वे राष्ट्रपति पर महाभियोग नहीं चला सकते हैं। उनके इस कदम से कुछ हासिल होने वाला नहीं है।
राष्ट्रपति मुइज्जू को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
बता दें, विपक्षी दल मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) पिछले महीने राष्ट्रपति मुइज्जू पर महाभियोग चलाने के लिए संसद में प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की थी। लेकिन इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति मुइज्जू को राहत देते हुए मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने संसद के स्थायी आदेशों में हालिया संशोधन को निलंबित करने का आदेश था। इन संशोधनों से विपक्षी सांसदों के लिए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पर महाभियोग चलाना आसान हो गया था।
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू भारत विरोधी टिप्पणी को लेकर अपने देश के भीतर आलोचनाओं का सामने कर रहे हैं। विपक्षी दल उनके भारत विरोधी रुख के खिलाफ हैं। जनवरी में भारत को 'सबसे पुराना सहयोगी' बताते हुए एमडीपी और अन्य विपक्षी दलों ने मुइज्जू सरकार के भारत विरोधी रुख पर चिंता जाहिर की थी।