पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे बलूच लोगों के समर्थन में नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने समर्थन दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हिंसात्मक हमलों की भी निंदा की। बता दें कि बलूचिस्तान में हत्याएं और अपहरण की घटनाएं बहुत अधिक बढ़ गई हैं।
बलूच लोगों के समर्थन में आईं मलाला यूसुफजई
मलाला यूसुफजई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "मैं बलूच बहनों के साथ एकजुटता से खड़ी हूं, जो जो न्याय की मांग और गायब किए जा ने का विरोध कर रही हैं। मैं प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसात्मक हमलों की निंदा करती हूं"। उन्होंने यह बयान एनमेस्टी इंटरनेशनल द्वारा एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट के जवाब में दिया। दरअसल एनमेस्टी इंटरनेशनल ने इस मामले को लेकर चिंता जताई थी।
एनमेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तानी अधिकारियों से पाकिस्तान में इंटरनेट शटडाउन को तुरंत हटाने, सड़कों पर लगाए गए अवरोधों को हटाकर, लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार को सुविधाजनक बनाने का आह्वान किया।
27 जून को फ्रंटियर कोर ने बलूचिस्तान के मुस्तंग में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 14 घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर थी। ग्वादर में इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा बलूच राष्ट्रीय सभा के प्रतिभागियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद एनमेस्टी इंटरनेशनल और मलाला यूसुफजई का बयान सामने आया।
बीवाईसी ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर लगाए आरोप
बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर बलूच राष्ट्रीय सभा के प्रतिभागियों के खिलाफ क्रूर और हिंसक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्स पर कहा, "29 जुलाई की सुबह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूच राष्ट्रीय सभा के शांतिपूर्ण धरने में क्रूर और हिंसक हमला किया।, जिसमें 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वे कहां हैं, हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।"
बीवाईसी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि शांतिपूर्ण बलूच राष्ट्रीय सभा के धरने में हिंसक हमलों के जवाब में पूरे बलूचस्तान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। बता दें कि इन प्रदर्शनों की शुरुआत पिछले साल हो गई थी जो इस साल में भी जारी हैं।