पश्चिम एशिया के हिंसक संघर्ष की मार झेल रही गाजा पट्टी की आम जनता जान बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। हिंसा की आंच यूरोप तक महसूस हो रही है। हालात सामान्य रखने में मेट्रोपॉलिटन पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
लंदन की सड़कों पर फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शनिवार को लंदन में एक बड़ा पुलिस अभियान शुरू किया। बता दें कि ब्रिटेन में विश्व युद्ध के शहीदों की याद में युद्धविराम दिवस (रिमेंबरेंस वीकेंड) मनाया जाता है। इस साल ब्रिटिश नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखा। इसी दिन इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष का विरोध कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर मार्च करने की योजना बनाई। शहर की कानून-व्यवस्था न बिगड़े इसलिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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बता दें कि पश्चिम एशिया (मध्य पूर्वी) में बीते एक महीने से अधिक समय से युद्ध हो रहा है। इस्राइल-हमास संघर्ष के विरोध में ब्रिटेन की जनता बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रही है। यूके में रिमेंबरेंस वीकेंड के रूप में वर्ल्ड वॉर में जान गंवाने वाले पूर्वजों को याद किया जाता है। दुनिया का ध्यान खींचने के लिए फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन भी इसी अवधि में आयोजित किए गए।
बता दें कि फलस्तीन के समर्थन में होने वाले आयोजन पर प्रतिबंध न लगाए जाने को लेकर कई दिनों तक विवाद हुआ। इसके बाद मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि उसने ड्यूटी पर अधिकारियों की संख्या दोगुनी कर लगभग 2,000 कर दी है। पुलिस ने चेतावनी जारी कर कहा कि रिमेंबरेंस वीकेंड के दौरान स्मरणोत्सव कार्यक्रमों में किसी भी तरह के व्यवधान से कड़ाई से निपटा जाएगा।
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ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने भी आक्रामकता का सहारा लेने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करके "ढुलमुल भूमिका" निभाने के लिए पुलिस बल की आलोचना की थी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने युद्धविराम दिवस पर विरोध प्रदर्शन को "भड़काऊ और अपमानजनक" करार दिया था। हालांकि, रिमेंबरेंस वीकेंड की पवित्रता सुनिश्चित करते हुए फलस्तीन समर्थक मार्च के दौरान पुलिस की तैनाती के अपने फैसले का समर्थन भी किया।