वेल्स की राजकुमारी केट मिडलटन (फाइल)
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लंदन के अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद केट मिडलटन को छुट्टी मिल गई है। ब्रिटेन के शाही परिवार की बहू केट मिडलटन को प्रिसेज ऑफ वेल्स यानी राजघराने के तहत गिने जाने वाले वेल्स में राजकुमारी का ओहदा हासिल है। 16 जनवरी को अस्पताल में केट की पेट से जुड़ी बीमारी के कारण सर्जरी हुई। अब 29 जनवरी को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। सेहत को लेकर जारी आधिकारिक अपडेट के मुताबिक वेल्स की राजकुमारी को कैंसर होने का खतरा था, लेकिन फिलहाल इस ऑपरेशन के बाद यह चिंता टल गई है।
16 जनवरी को सर्जरी, सेहत से जुड़ी बातें गोपनीय रखने की अपील
लंदन के निजी अस्पताल में पेट की सर्जरी (abdominal surgery) के बाद केट मिडलटन स्वास्थ्य लाभ करने अपने घर लौट आई हैं। राजकुमारी का आधिकारिक आवास केंसिंग्टन पैलेस है। उनकी सेहत को लेकर कार्यालय की तरफ से सोमवार को बयान जारी किया गया। इसके मुताबिक 16 जनवरी को सफल सर्जरी के बाद राजकुमारी की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। खराब सेहत के कारण सर्जरी के बाद बीते 17 जनवरी को केंसिंग्टन पैलेस ने बताया था कि राजकुमारी ने गोपनीयता के साथ-साथ बच्चों की भावनात्मक स्थिति का सम्मान करने की अपील की है।
42 साल की राजकुमारी के सभी कार्यक्रम रद्द
पैलेस की तरफ से अधिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन कहा गया कि सर्जरी से पहले केट को कैंसर होने का खतरा जो टल गया है। खराब सेहत और स्वास्थ्य लाभ के कारण 42 साल की राजकुमारी ने ईस्टर के बाद अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। पैलेस ने बताया कि प्रिंस विलियम और खुद राजकुमारी ने लंदन के अस्पताल की पूरी टीम, समर्पित नर्सिंग स्टाफ को स्वास्थ्य देखभाल के लिए धन्यवाद दिया है। शाही परिवार ने कहा है कि कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी आने पर बयान जारी किया जाएगा।
ब्रिटेन के राजा को भी करानी है सर्जरी
गौरतलब है कि ब्रिटेन के शाही परिवार में एक और सर्जरी की तैयारियां हो रही हैं। ब्रिटेन के राजा- प्रिंस चार्ल्स- तृतीय को 75 साल की आयु में बढ़े हुए प्रोस्टेट की सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके भी तमाम कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। शाही आवास- बकिंघम पैलेस की तरफ से जारी बयान के मुताबिक प्रिंस चार्ल्स-III के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। उनकी सेहत चिंताजनक नहीं है। किंग चार्ल्स की सेहत से जुड़ी चिंता साल 2008 में सामने आई थी। इसके इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उनके चेहरे से गैर-कैंसरयुक्त उभार ऑपरेशन करके हटाया था। ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा- नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) का मानना है कि प्रोस्टेट बढ़ने के ठोस कारणों पर फिलहाल वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के बीच आम सहमति नहीं हैं। हालांकि, सेहत की यह परेशानी केवल कैंसर के कारण ही नहीं होती। प्रोस्टेट बढ़ने को प्रोस्टेट कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी सीधा नहीं जोड़ा जा सकता।