दिग्गज कारोबारी एलन मस्क को एक बड़ी राहत मिली है। उन्होंने और उनकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला ने एक मुकदमा जीत लिया है। दरअसल, उन पर क्रिप्टोकरेंसी डॉजक्वाइन को बढ़ावा देने और इनसाइडर ट्रेडिंग करके निवेशकों को धोखा देने का आरोप लगाया गया था।
क्या है मामला?
गौरतलब है, टेस्ला के मालिक एलन मस्क पर इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप लगा था। आरोप भी उन्हीं की इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला के शेयरधारकों ने लगाया था। शेयरधारकों ने मस्क के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया था। बता दें, इनसाइडर ट्रेडिंग का मतलब गैर-सार्वजनिक जानकारियों का इस्तेमाल करके अनुचित तरीके से लाभ कमाना होता है। अ
अब अदालत ने दी राहत
अब इस मुकदमे को खारिज कर दिया गया है। मैनहट्टन में अमेरिकी जिला न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन ने गुरुवार रात को यह फैसला सुनाया।
यह था आरोप
टेस्ला के शेयरधारकों ने आरोप लगाया था कि मस्क ने टेस्ला में अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने ट्विटर, न्यूज चैनल और सार्वजनिक स्टंट कर अनुचित लाभ कमाया। इसके अलावा, उन्होंने टेस्ला के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का उल्लंघन किया। निवेशकों का कहना था कि उन्हें इन सब हथकंडों को अपना कर कई डॉजक्वाइन वॉलेट के जरिए लाभ कमाया।
शेयरधारकों के अनुसार, मस्क ने जानबूझकर दो सालों में डॉजक्वाइन की कीमत 36 हजार फीसदी से अधिक बढ़ा दी और फिर इसमें गिरावट होने के लिए छोड़ दिया। वह और टेस्ला अक्सर डॉजक्वाइन से संबंधित मस्क के सार्वजनिक बयानों और गतिविधियों के अनुसार ही ट्रेडों का समय निर्धारित करते थे। उन्होंने आगे कहा था कि जब मस्क ने अप्रैल 2023 में ट्विटर के ब्लू बर्ड लोगो को बदलने के बाद डॉजक्वाइन को बेच दिया था, तब इसकी कीमत में 30 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
मस्क के वकीलों ने दी ये दलीलें
मस्क के वकीलों ने मामले को खारिज करने की मांग की थी। उनका कहना था कि वादी पक्ष के पास अभी भी कोई मामला नहीं है, जबकि उन्होंने अपने मुकदमे के पांच संस्करण दायर किए हैं, जिनमें मूल रूप से दो वर्षों में 258 अरब डॉलर की मांग की गई थी।
वकीलों ने आगे कहा था कि डॉजक्वाइन के बारे में मस्क के ट्वीट्स में कुछ भी गलत नहीं था। साथ ही इस बात का कोई सबूत नहीं था कि मस्क के पास दो वॉलेट थे, जिससे कोई संदिग्ध व्यापार किया गया हो या टेस्ला ने कभी डॉजक्वाइन बेचे हों।