अमेरिकी शहर रॉबिंसविले में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन किया गया। भारत से सात समंदर पार हिंदू मंदिर का निर्माण और उद्घाटन श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ था। न्यू जर्सी में बनकर तैयार हुए इस मंदिर के उद्घाटन के बाद आठ सितंबर को (अमेरिकी समयानुसार) विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया।
183 एकड़ जमीन पर अक्षरधाम मंदिर
रविवार, 8 अक्टूबर को छुट्टी का मौका होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु न्यू जर्सी के रॉबिंसविले में बने बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम में प्रार्थना में शामिल होने पहुंचे। मंदिर के बारे में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका निर्माण 183 एकड़ में कराया गया है। सबसे बड़े हिंदू मंदिर का उद्घाटन होने के बाद वैदिक रीति से पूजा अनुष्ठान और मंत्रोच्चार भी देखा गया।
सबसे भव्य स्वामीनारायण अक्षरधाम
अमेरिका में बने बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम के बारे में कहा जाता है कि ये भारत के बाहर अब तक का सबसे भव्य अक्षरधाम मंदिर हो सकता है। मंदिर का निर्माण 2015 में शुरू हुआ और इसका उद्घाटन 8 अक्टूबर को महंत स्वामी महाराज और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में हुआ।
मंदिर के उद्घाटन पर विदेश राज्यमंत्री का बयान
इससे पहले केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने अक्षरधाम के भव्य उद्घाटन के लिए शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर एक बधाई संदेश में उन्होंने लिखा, "रॉबिन्सविले, न्यू जर्सी में अक्षरधाम के भव्य उद्घाटन पर बधाई! यह क्षण भारत के लिए बहुत गर्व का है।" उन्होंने इस मंदिर को सामूहिक समर्पण और एकता का प्रतीक करार दिया। विदेश राज्यमंत्री ने बताया कि अक्षरधाम का निर्माण पूज्य गुरु महंत स्वामी महाराज और गुरु प्रमुख स्वामी महाराज के दूरदर्शी मार्गदर्शन का प्रमाण है।
वैश्विक मंच पर भारत की पहचान
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डीएल मुरुगन ने स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के उद्घाटन पर कहा कि ये वैश्विक मंच पर भारतीय उत्कृष्टता का एक और उदाहरण है। इस परियोजना की सफलता के लिए 12 वर्षों के अथक समर्पण की जरूरत थी। पूरे उत्तरी अमेरिका में 12,500 से अधिक स्वयंसेवक, हमारी सामूहिक शक्ति का प्रमाण हैं।
भक्ति का चमत्कार! कला और आध्यात्म का मिश्रण
मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं का मानना है कि 183 एकड़ में फैला विशाल मंदिर सोमवार से जनता के लिए खुला रहेगा। अक्षरधाम परिसर में पत्थर का महामंदिर, शिल्प कौशल और भक्ति का चमत्कार है। जो आध्यात्मिक महत्व के साथ जटिल कलात्मकता का मिश्रण है।