डायबिटीज पिछले कुछ दशकों में भारत सहित दुनिया के कई देशों में यह स्वास्थ्य समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसका तेजी से भारत में प्रसार हो रहा है। वहीं द लैंसेट की एक रिपोर्ट ने चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत टाइप 1 मधुमेह के उच्चतम प्रसार वाले शीर्ष दस देशों में है।
द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अनुमानित 80 लाख से ज्यादा लोग 2021 में दुनिया भर में टाइप 1 मधुमेह के साथ जी रहे थे, और भारत इस बीमारी के उच्चतम प्रसार वाले शीर्ष दस देशों में से एक है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि 2040 तक टाइप 1 मधुमेह से पीड़ितों की संख्या बढ़ेगी और यह समस्या करीब एक से डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। शोधकर्ताओं ने 97 देशों में बचपन, किशोर और वयस्क टाइप 1 मधुमेह प्रसार पर डेटा के साथ-साथ 65 देशों के समय के साथ डेटा का मॉडल तैयार किया। साथ ही 2040 तक टाइप 1 मधुमेह से क्या प्रभाव होंगे इसका भी विश्लेषण किया है।
2021 में, द लैंसेट मॉडल ने अनुमान लगाया था कि दुनिया भर में 80 लाख से ज्यादा व्यक्ति टाइप 1 मधुमेह (T1D) के साथ रह रहे थे। इन व्यक्तियों में से, 18 प्रतिशत 20 वर्ष से कम आयु के थे, 64 प्रतिशत 20-59 वर्ष के बीच थे, और 19 प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक आयु के थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि मॉडल का अनुमान है कि 2021 में टाइप 1 मधुमेह के कारण वैश्विक मौतों की संख्या 175,000 है।