इसका वजन लगभग 4.5 किलोग्राम होता है। इस बॉक्स के मुख्यत चार भाग होते हैं-
- इसके पहले भाग में एक चेचिस या इंटरफेस होता है जो डिवाइस को किसी जगह पर फिट करने के काम में आता है। इसके अलावा ऊपरी भाग में रिकॉर्डिंग और प्लेबैक की सुविधा होती है।
- इस डिवाइस में एक लोकेटर बीकन भी लगा होता है जो पानी की गहराइयों में भी सिग्नल भेजता रहता है। मलेशियन एयरलाइंस की दुर्घटना के समय इसी लोकेटर बीकन की तलाश की जा रही थी जिससे ब्लैक बॉक्स मिल सके।
- तीसरे भाग में स्टेनलेस स्टील या टाइटेनियम से बनी कोर हाउसिंग होती है जिसे 'क्रैश सर्वाइवल मेमोरी यूनिट' भी कहा जाता है। यह भाग बहुत मजबूत होता है जो न तो आग से जल सकता है न ही पानी में गीला हो सकता है।
- चौथे भाग में सर्किट बोर्ड और नाखून के आकार की रिकॉर्डिंग चिप्स होते हैं जो डाटा को सुरक्षित रखते हैं।
इसके अलावा ब्लैक बॉक्स में दो रिकॉर्डर लगे होते हैं। पहला कॉकपिट वायस रिकॉर्डर जो पायलट की आवाज और कॉकपिट की आवाज को रिकॉर्ड करता है। दूसरा फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर होता है।
रिकॉर्डर से डाटा कैसे प्राप्त किया जाता है
तकनीकी विशेषज्ञ ब्लैक बॉक्स के उपर लगी सुरक्षात्मक समाग्री को ध्यान से हटाते हैं जिससे गलती से कहीं डाटा न मिट जाए। फिर ऑडियो या डाटा फाइल डाउनलोड और कॉपी किया जाता है। इसके बाद उन डाटा का विश्लेषण कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाते हैं। इसमें जांचकर्ता कभी-कभी स्पेक्ट्रल एनालिसिस भी करते हैं जिसकी मदद से विस्फोट से पहले के दरार होने की आवाज को सुना जाता है।
इथियोपियन एयरलाइन (फाइल फोटो)
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सामान्यत: ब्लैक बॉक्स में 19 उड़ानों के डाटा मौजूद होते हैं उसके अलावा सीवीआर में दो घंटे की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहती है। कहा जा रहा है कि इथोपियाई विमान हादसा उड़ान के बस छह मिनट बाद ही हो गया था, इसलिए ब्लैक बॉक्स में सभी डाटा सुरक्षित होंगे। एक जांचकर्ता के अनुसार, ब्लैक बॉक्स सामान्यत: यह बताता है कि कोई दुर्घटना कब और कैसे हुई है। इससे आपको दुर्घटना के कारणों को समझने में मदद मिलती है। हालांकि, कई बार यह ठीक-ठीक तरह से दुर्घटना के कारणों को बताने के लिए पर्याप्त नहीं होता है।
टेप कौन सुनता है?
बीईए में एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो की तरह एक श्रवण कक्ष है जिसमें ऑडियो मिक्सिंग और प्लेबैक उपकरणों के साथ एक स्क्रीन जुड़ी हुई होती है जो इकट्ठा किए गए डाटा को स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है। इस टेप को केवल मुख्य जांचकर्ता और कुछ लोग ही सुनते हैं। फ्रांस में न्यायाधीश और पुलिस के अलावा विदेशी जांच एजेंसियों के प्रतिनिधि भी इसे देख और सुन सकते हैं।