डेमोक्रेटिन नेशनल कन्वेंशन के आखिरी दिन कमला हैरिस ने पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद का नामांकन स्वीकार किया। इस दौरान अपने संबोधन में कमला हैरिस ने कई मुद्दों पर बात की। साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर वह अमेरिका की राष्ट्रपति बनती हैं तो वह सुनिश्चित करेंगी कि 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धा में चीन नहीं बल्कि अमेरिका की जीत होगी और वाशिंगटन अपने वैश्विक नेतृत्व को नहीं छोड़ेगा। इसके अलावा उन्होंने इस्राइल, यूक्रेन और नाटो के बारे में भी बात की।
हर किसी के पास प्रतिस्पर्धा करने का मौका होगा
डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद का नामांकन स्वीकार करते हुए कमला हैरिस ने कहा कि वह एक ऐसी 'अवसर अर्थव्यवस्था' बनाएंगी, जहां हर किसी के पास प्रतिस्पर्धा करने और सफल होने का मौका होगा। उन्होंने कहा, 'मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि हम अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भविष्य में दुनिया का नेतृत्व करें। साथ ही यह कि 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धा में चीन नहीं बल्कि अमेरिका ही जीते। इसके अलावा, हम अपने वैश्विक नेतृत्व को मजबूत करेंगे।'
उन्होंने आगे कहा, 'चाहे आप एक ग्रामीण क्षेत्र, छोटे शहर या बड़े शहर में रहते हों। राष्ट्रपति के रूप में, मैं रोजगार पैदा करने के लिए श्रम और श्रमिकों, छोटे व्यवसाय मालिकों और उद्यमियों और अमेरिकी कंपनियों को एक साथ लाऊंगी। हमारी अर्थव्यवस्था को बढ़ाऊंगी और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत कम करूंगी।'
हैरिस ने कहा कि उनकी सरकार छोटे व्यवसाय के मालिकों, उद्यमियों और संस्थापकों के लिए पूंजी तक पहुंच प्रदान करेगी। हैरिस ने कहा, 'हम अमेरिका के आवास की कमी को समाप्त करेंगे और सामाजिक सुरक्षा और चिकित्सा की रक्षा करेंगे।'
सबसे घातक लड़ाकू बल देश के पास हो: हैरिस
उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर वह अमेरिका की कमांडर-इन-चीफ चुनी जाती हैं, तो वह यह सुनिश्चित करेंगी कि देश के पास हमेशा दुनिया में सबसे मजबूत और सबसे घातक लड़ाकू बल हो, इस्राइल के पास अपनी रक्षा करने की क्षमता हो और यूक्रेन तथा नाटो सहयोगियों का साथ न छोड़ा जाए।
डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में उन्होंने कहा कि ईरान और ईरान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ अमेरिकी बलों और देश के हितों की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह कार्रवाई करने में कभी नहीं हिचकिचाएंगी।
किम जोंग उन पर साधा निशाना
उन्होंने कहा, 'मैं किम जोंग उन जैसे तानाशाहों के साथ मधुर व्यवहार नहीं करूंगी, जो ट्रंप का समर्थन कर रहे हैं। वे जानते हैं कि चापलूसी और एहसान के साथ हेरफेर करना आसान है। वे जानते हैं कि ट्रंप निरंकुश लोगों को जवाबदेह नहीं ठहराएंगे क्योंकि वह एक निरंकुश बनना चाहते हैं। राष्ट्रपति के तौर पर मैं अमेरिका की सुरक्षा और उसके आदर्शों की रक्षा में कभी नहीं डगमगाऊंगी। लोकतंत्र और अत्याचार के बीच स्थायी संघर्ष में, मुझे पता है कि मैं कहां खड़ी हूं और संयुक्त राज्य अमेरिका कहां है।'