अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने बृहस्पतिवार को अपनी दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा संपन्न करते हुए एक बार फिर चीन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, अमेरिका प्रतिस्पर्धा का स्वागत करता है, लेकिन दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर लगातार खुलकर बोलता रहेगा। उन्होंने इस दौरान नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर भी बात की।
कमला हैरिस ने कहा कि बीजिंग अक्सर दक्षिण सागर में द्वीपों पर कब्जा कर वहां से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर अपना अधिकार जताने की बात करता रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी कार्रवाई नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है।
उन्होंने कहा, हम संघर्ष नहीं चाहते लेकिन चीन की इस कार्रवाई के खिलाफ खुलकर बोलते रहेंगे। हैरिस ने वियतमान में हैरिस ने एलजीबीटीक्यू (समलैंगिक) अधिकारों और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर काम रहे कार्यकर्ताओं के साथ एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा, यदि हमें चुनौतियों का सामना करना है, तो इसके लिए सहयोगात्मक तरीका अपनाने की जरूरत है। हमें हर क्षेत्र के लोगों को सशक्त बनाना चाहिए, जिसमें यकीनन सरकार और उसके साथ ही समुदाय के नेता, व्यापार जगत के लोग, नागरिक समाज भी शामिल हों।
वियतनाम में उत्पीड़न पर चर्चा नहीं
हैरिस ने कहा, वियतनाम को अभिव्यक्ति व प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध, देश में महिलाओं के खिलाफ व्यापक हिंसा और राजनीतिक असंतुष्टों के खिलाफ कार्रवाई के लिए काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है। ऐसे में हैरिस ने ट्रांसजेंडर लोगों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता के बारे में बात की। उन्होंने वियतनाम सरकार की उसके उत्पीड़न के लिए कोई आलोचना नहीं की।
चीन की नीतियों की आलोचना की
अमेरिका में भारतीय मूल की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की दक्षिण-पूर्व एशियाकी यात्रा बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। उनकी सिंगापुर और वियतनाम यात्रा का लक्ष्य अमेरिका के इन देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करना और क्षेत्र में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी प्रयासों को तेज करना था। इस दौरान उन्होंने चीन की दक्षिण सागर में द्वीपों पर कब्जा जमाने की नीतियों की तीखी आलोचना भी की।