जॉर्डन की एक अदालत ने रविवार को राज्य के एक अस्पताल के निदेशक को 10 कोरोना रोगियों की मौत के मामले में तीन साल जेल की सजा सुनाई है। दरअसल, कोर्ट ने माना कि कोरोना मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई और इसके लिए अस्पताल निदेशक को दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया।
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कोर्ट में अस्पताल निदेशक अब्देल रजाक अल-खशमान और चार सहयोगियों को साल्ट स्टेट अस्पताल में रोगियों की मौतों के कारण का दोषी ठहराया गया, इसमें कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन सपोर्ट निकालने के बाद मौत हो गई थी।
हालांकि, निदेशक अदालत के फैसले के खिलाफ 10 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं। बीते मार्च में जॉर्डन के एक अस्पताल में 10 कोरोना रोगियों की मौत हो गई थी, इसके बाद लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन किए थे।
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यहां तक कि इस मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री नजीर ओबेदत ने इस्तीफा तक दे दिया था। इस त्रासदी के बाद किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने राजकीय अस्पताल का दौरा किया था। जहां सैकड़ों लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी।