पूरी दुनिया में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर क्षेत्र के महारथी जॉन मैकेफी की मौत के बाद उनका 2019 का ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है। मैकेफी ने बुधवार को स्पेन की जेल में खुदकुशी कर ली है। उनकी मौत की खबर उनको अमेरिका प्रत्यर्पण करने की स्पेन की कोर्ट की मंजूरी के बाद आई थी। वह अमेरिका में कथित टैक्स चोरी के मामले में वांछित थे।
मैकेफी की मौत के तुरंत बाद उनका दिसंबर 2019 का ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने अपने दाहिने हाथ पर अपने टैटू की एक फोटो शेयर करते हुए लिखा था, 'अगर मैंने आत्महत्या कर ली, तो मान लीजिए मैंने नहीं किया। मुझे झटका लगा। मेरा दाहिना हाथ चेक करें।' यह बात उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों का कथित तौर पर यह संदेश मिलने के बाद लिखी थी कि, हम तुम्हें लेने आ रहे हैं।
बता दें, 75 वर्षीय मैकेफी बुधवार को बार्सिलोना के बाहरी इलाके में स्थित जेल में मृत मिले थे। इससे चंद घंटों पहले स्पेन की कोर्ट ने मैकेफी को अमेरिका प्रत्यर्पित करने की हरी झंडी दे दी थी। वह अक्टूबर से स्पेन की हिरासत में थे। उन्हें जून 2020 में उन पर अमेरिकी कोर्ट ने कर चोरी व संपत्ति छिपाने का आरोप लगाया था। यदि मैकेफी का अमेरिका प्रत्यर्पण हो जाता और वह दोषी पाए जाते तो उन्हें कर चोरी के जुर्म में 30 साल तक की सजा हो सकती थी।
कई मामलों में आरोपी थे
मैकेफी क्रिप्टोकरंसी के प्रमोटर, अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और भगोड़े थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ड्रग्स, बंदूकें और सेक्स को अपनाया था। वह कई मामलों में आरोपी थे। मैकेफी ने 1987 में दुनिया का पहला कमर्शियल एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर लांच करने से पहले नासा, जेरॉक्स व लॉकहीड मार्टिन के लिए काम किया था। इसके बाद 2011 में उन्होंने अपनी कंपनी इंटेल को बेच दी थी। मैकेफी के अब भी पूरी दुनिया में 50 करोड़ यूजर्स हैं।